राजातालाब। डॉ राम मनोहर लोहिया महाविद्यालय भैरवतालाब राजातालाब में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी की 101वी जयंती सुशासन दिवस के रूप में मनाई गई।इसी दिन मदन मोहन मालवीय की जयंती मनाई गयी व साथ ही काशी नरेश विभूति नारायण सिंह की पुण्यतिथि मनाई गयी।कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रबंधक सुशील कुमार सिंह तोयज द्वारा दीप प्रज्वलन एवं प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।अपने विचार व्यक्त करते हुए महाविद्यालय के प्रबंधक ने कहा कि अटल जी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के समर्थक थे |
उनका मानना था कि राजनीति का उपयोग देश को सर्वोपरि मानकर करना चाहिए। उनका नारा “एकात्य मानववाद अमर रहे “वर्तमान में प्रासंगिक है। डॉ अखिलेश तिवारी ने कहा कि वैश्विक संदर्भ में अटल जी का कहना था कि हम युद्ध नहीं चाहते हैं लेकिन शांति हमारी कमजोरी नहीं है। प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि देश में वैज्ञानिक विकास को महत्वपूर्ण मानते हुए जय जवान जय किसान एवं जय विज्ञान का नारा दिया था।
तहसील बार एसोसिएशन रजातालाब के पूर्व महामंत्री प्रदीप कुमार सिंह ने मालवीय जी के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बंदिनी वे जो बिना पद की आकांक्षा के कुछ सार्थक कर गए और एक शिक्षा का मंदिर स्थापित किया, उनका योगदान समाज के लिए अमूल्य है| इस अवसर पर अखिलेश गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि अटल जी सौहार्द पूर्ण राजनीति के समर्थक थे।
पक्ष- विपक्ष के सभी नेता प्यार करते थे।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रबंधक तोयज कुमार सिंह और संचालन डॉक्टर कृपा शंकर पाठक ने किया।इस अवसर पर डॉ अजय कुमार मौर्य, डॉक्टर हितेंद्र राय ,डॉक्टर प्रिय रंजन ,चंद्रेश सिंह, पिंटू, सोनू ,विशाल ,पप्पू इत्यादि लोग उपस्थित थे |











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