चन्दौली इलिया

चकिया कोतवाल अर्जुन सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कथा का शुभारंभ किया कथा व्यास पंडित रामेश्वरानंद जी महाराज ने श्रीराम और सीता के विवाह एवं विदाई प्रसंग का वर्णन किया। इस अवसर पर चकिया ब्लॉक प्रमुख और कोतवाल अर्जुन सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कथा का शुभारंभ किया। काशी के कथा व्यास पंडित रामेश्वरानंद जी महाराज ने बताया कि सीता-राम का विवाह भक्त और भगवान का मिलन है, जहां सीता भक्त और श्रीराम भगवान हैं।


उन्होंने विवाह महोत्सव का मनमोहक वर्णन किया और सीता राम विवाह के मिथिला के विवाह गीत भी प्रस्तुत किए। महाराज ने धनुष यज्ञ पर विस्तार से कथा सुनाई। उन्होंने एक प्रसंग का उल्लेख किया जिसमें टूटे हुए धनुष ने कहा कि वह सबसे अधिक प्रसन्न है क्योंकि उसके टूटने से सीता और श्रीराम का मिलन हुआ। धनुष ने कहा कि जब तक वह जुड़ा था, तब तक तोड़ने का काम करता था, लेकिन अब टूटकर भी वह सीता और राम को जोड़ने का काम कर रहा है और भगवान राम के चरणों में पड़ा है। धनुष यज्ञ के बाद, कथावाचक ने महाराज दशरथ के अयोध्या से मिथिला तक बारातियों के साथ प्रस्थान और पहुंचने की कथा का रोचक वर्णन किया। सीता की विदाई के प्रसंग को कहते हुएउन्होंने बताया कि राजा जनक और रानी सुनैना अपने आंसू नहीं रोक पाए। इस वर्णन को सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें भी भर आईं।

इस अवसर पर बाबा जागेश्वरनाथ महंत अनूप गिरी, कोडरमा हनुमानजी महंत विधायक कैलाश आचार्य, ब्लॉक प्रमुख शंभू नाथ यादव, चकिया कोतवाल अर्जुन सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष त्रिलोकी बिंद, समिति अध्यक्ष अरविंद सिंह, रामभरोस जायसवाल, महेंद्र सिंह, भारत माली, रामनिवास पांडे, अवध बिहारी मिश्रा, जनार्दन सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।







