जमानियां (गाजीपुर ) नगर पालिका परिषद में नवीन गृहकर की वसूली को लेकर शुरू हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को सातवें दिन भी सभासदों का अनिश्चितकालीन धरना पालिका परिसर में जारी रहा।
इस दौरान आंदोलनकारी सभासदों ने तेवर तल्ख करते हुए ऐलान किया कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो वे सामूहिक इस्तीफा देकर राज्यपाल को सौंपने के लिए मजबूर होंगे। सभासदों के इस ऐलान से नगर पालिका की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
धरने पर बैठे सभासदों ने कहा कि गांधीगिरी के रास्ते पर चल रहा उनका शांतिपूर्ण आंदोलन किसी भी साजिश से कमजोर नहीं होगा। उन्होंने पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी हठधर्मिता का खामियाजा नगर की जनता भुगत रही है।
विकास कार्य ठप पड़े हैं, साफ-सफाई की व्यवस्था ध्वस्त है, लेकिन जिम्मेदारों को जनता की परेशानियों की कोई चिंता नहीं है। सभासदों ने कहा कि नगर पालिका के इतिहास में पहली बार इतने बड़े स्तर पर सभासदों को धरने पर बैठना पड़ रहा है, जो अध्यक्ष की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने अध्यक्ष से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की मांग भी उठाई।
आंदोलन का मुख्य मुद्दा नवीन गृहकर की वसूली है। सभासदों का कहना है कि 11 सितंबर 2026 को हुई बोर्ड की बैठक में नवीन गृहकर को फिलहाल समाप्त करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ था, फिर भी जनता पर गृहकर जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
धरने में सुरेंद्र चौधरी साहू, राकेश प्रजापति, विकास जायसवाल, प्रमोद यादव, मोहन गुप्ता, राहुल वर्मा, आशीम खां, सचिन वर्मा, अंजनी गुप्ता, शमीम अंसारी, शिवबचन यादव, उमराव यादव और मोहन राम सहित कई सभासद मौजूद रहे।







