उनका कहना है कि त्योहारों के मौसम में जनजीवन और व्यापार की रक्षा के लिए प्रदर्शनों को दिसंबर तक स्थगित किया जाए. उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शनों को पूरी तरह स्थगित करना संभव न हो, तो उन्हें ऐसे स्थानों और तरीकों से आयोजित किया जाए, जिनसे बाजारों, यातायात और आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर असर न पड़े.







