_वाराणसी_न्यूज़ :
लोकतंत्र, निष्पक्ष चुनाव और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने वाराणसी जिला मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई।
”वोटों की हो रही चोरी, ज्ञानेश कुमार दें इस्तीफा
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं सपा नेता रीबू श्रीवास्तव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि देश के सबसे बड़े लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने की साजिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निष्पक्ष चुनाव कराने के बजाय वोटों की कटौती और चोरी का खेल चल रहा है।
”पूरे देश में भारी आक्रोश है। लगभग 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। एक जीवित और वोट देने वाले नागरिक का नाम काटना उसे मृत घोषित करने और उसकी नागरिकता छीनने के समान है। ज्ञानेश कुमार को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।”
असंवैधानिक प्रक्रियाओं पर उठाए सवाल
सपा नेताओं ने आरोप लगाया किचुनाव आयोग बिना सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वीकृत प्रारूप (फॉर्म 6) और चुनाव आयुक्तों की आपसी सहमति के असंवैधानिक तरीके से प्रक्रियाएं लागू कर रहा है।
SIR लागू किए जाने के कारण काम के भारी दबाव में कई बीएलओ (BLO) की जान जा चुकी है, लेकिन प्रशासन को उनकी कोई परवाह नहीं है।
सत्ताधारी पार्टी चुनाव आयोग के अधिकारियों को ढाल बनाकर अपने राजनीतिक हितों को साध रही है।
जब तक लोकतंत्र बहाल नहीं होगा, तब तक जारी रहेगा आंदोलन
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध जताया, जिन पर “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” के नारे लिखे थे। समाजवादी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक चुनाव आयोग में पारदर्शिता नहीं आती और जिम्मेदार अधिकारियों को हटाया नहीं जाता, तब तक यह लड़ाई सड़कों से लेकर हर स्तर पर जारी रहेगी।







