लखनऊ उत्तर प्रदेश में हुक्का बार और रेस्टोरेंट में हुक्का परोसने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निर्धारित स्मोकिंग एरिया में भी हुक्का सर्विस की अनुमति नहीं दी जा सकती।
अदालत ने रेस्टोरेंट में हुक्का उपलब्ध कराने के लिए दी गई दलील को खारिज करते हुए कहा कि ‘सेल्फ सर्विस’ के नाम पर भी हुक्का उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। हुक्का किराये पर देने की दलील को भी कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया।
हाईकोर्ट ने गैर-धूम्रपान करने वाले लोगों के स्वच्छ हवा में सांस लेने के अधिकार पर विशेष जोर दिया। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान से जुड़े कानूनों का पालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।
COTPA के तहत कार्रवाई का रास्ता साफ
कोर्ट ने COTPA (सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) के तहत पुलिस की कार्रवाई की शक्तियों को बरकरार रखा है। यानी हुक्का उपलब्ध कराने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।
अदालत ने अपने आदेश की प्रति उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को भेजने के निर्देश भी दिए हैं।
‘सेल्फ सर्विस’ और ‘किराये’ के नाम पर भी नहीं चलेगा हुक्का
हाईकोर्ट के फैसले के बाद हुक्का बार संचालकों के लिए नियमों से बचने के वैकल्पिक रास्तों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्मोकिंग जोन, सेल्फ सर्विस या किराये पर हुक्का देने के नाम पर भी सेवा उपलब्ध कराने की दलील अदालत में स्वीकार नहीं हुई।







