चंदौली
चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र से पितृपक्ष में लोग अपने पूर्वजों के तर्पण और पिंडदान के लिए रोज बिहार के गया जा रहे हैं। गुरुवार को भी बैंड बाजे के साथ ग्रामीण उन्हें गांव के बाहर छोड़ने पहुंचे।
मान्यता है कि गया में फल्गु नदी के तट पर पिंडदान करने से पूर्वजों की 121 पीढ़ियों और 7 कुलों का उद्धार होता है, जिससे उन्हें बैकुंठ धाम मिलता है। इस कारण बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच रहे हैं।
ग्रामीण बच्चा सिंह, पनारू सिंह, श्यामसुंदर सिंह, दिनेश पांडेय और शिवशंकर सिंह ने बताया कि श्राद्ध पक्ष में सात्विक जीवन जिया जाता है। पितरों की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं। तर्पण में जल, काले तिल, जौ और कुशा मिलाकर पितरों को दिया जाता है। पिंडदान पके चावल, दूध, शहद और गंगाजल से बने पिंडों से होता है। पितृपक्ष 27 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा।







