वाराणसी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि देश के हर जरूरतमंद परिवार को पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध हो। उत्तर प्रदेश सरकार भी गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पक्का मकान उपलब्ध कराने का दावा करती है। लेकिन वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर में सामने आई एक घटना इन दावों के बीच जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करती है।
लंका थाना अंतर्गत सीर गोवर्धनपुर वार्ड नंबर 23 की हरिजन बस्ती में भारी बारिश के चलते सोमवार सुबह करीब 5 बजे राम जी का कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय राम जी और उनकी पत्नी मकान के अंदर मौजूद थे। मलबे में दबने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को बाहर निकालकर उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर भेजा गया,

जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं उनके बेटे और बेटी को भी हादसे में हल्की चोटें आई हैं। मकान गिरने के बाद मलबे में दबने से परिवार की एक बकरी की मौत हो गई। इसके अलावा आसपास के दो आवारा कुत्तों के भी मलबे में दबकर मरने की बात सामने आई है। गनीमत रही कि हादसे में किसी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीर गोवर्धनपुर में आज भी करीब 100 मकान कच्चे हैं, जिनमें गरीब परिवार किसी तरह अपना जीवन गुजार रहे हैं। लगातार बारिश के बीच इन जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का सवाल है कि यदि किसी अन्य कच्चे मकान के गिरने से बड़ा हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में तत्काल सर्वे कराकर जर्जर और कच्चे मकानों को चिन्हित किया जाए तथा पात्र परिवारों को जल्द से जल्द प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाए। लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी दिखाई दी कि हादसे के बाद मौके पर तत्काल प्रशासनिक राहत और बचाव की पर्याप्त व्यवस्था नजर नहीं आई।

वहीं वार्ड नंबर 23 के सभासद राम सिंह यादव उर्फ कल्लू मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं। सभासद ने कहा कि जिन पात्र लोगों का आवास अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ है, उनके संबंध में लेखपाल से बात कराकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि जरूरतमंद परिवारों को जल्द आवास योजना का लाभ मिल सके।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन बारिश के बाद किसी बड़े हादसे का इंतजार करेगा या सीर गोवर्धनपुर के कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के लिए समय रहते ठोस कदम उठाए जाएंगे?







