लोहता:
थाना क्षेत्र के अलुदीनपुर गांव में बिजली के खंभे से उतरे करंट की चपेट में आने से अवधेश पाल की भैंस की मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दिया और मुआवजे की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि जर्जर बिजली के खंभे और उसमें लगे अर्थिंग के तार में काफी समय से करंट आ रहा था। उनकी शिकायत है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारियों को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।

मामले को लेकर विभागीय अधिकारियों और ग्रामीणों के बयानों में विरोधाभास है। रोहनिया के एसडीओ ने बताया कि भैंस ने खंभे से शरीर रगड़ा था, जिसके घर्षण या दबाव से करंट लगा। उन्होंने खंभे में अर्थिंग का तार होने से इनकार किया।
वहीं, ग्रामीणों ने एसडीओ के बयान को गलत बताया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खंभे में अर्थिंग का तार स्पष्ट रूप से बंधा हुआ था, जिसमें करंट उतर रहा था। ग्रामीणों का दावा है कि घटना के तुरंत बाद खंभे से अर्थिंग का तार काटकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई, लेकिन कटा हुआ तार अभी भी मौके पर देखा जा सकता है।
सड़क जाम के कारण काफी देर तक आवागमन बाधित रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि पीड़ित पशुपालक अवधेश पाल को बिजली विभाग की लापरवाही के लिए उचित मुआवजा दिया जाए और संबंधित खंभे व तारों की तत्काल मरम्मत कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद से जेई कोरौता का फोन नहीं उठ रहा है और न ही कोई जवाब मिल रहा है। उनका कहना है कि जब भी जेई को किसी मामले के लिए फोन किया जाता है, तो वह उपलब्ध नहीं होते। ग्रामीणों को आशंका है कि ऐसे कई अन्य खंभों में भी करंट आ रहा होगा, जिससे जेई की अनुपलब्धता के कारण भविष्य में और घटनाएं हो सकती हैं।







