चन्दौली चकिया
बुद्ध विहार महामाया सरोवर सेवा संस्थान, सैदूपुर के तत्वावधान में बुद्ध मंदिर परिसर में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बुद्ध के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित करके किया गया। इसके उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं ने त्रिशरण एवं पंचशील का पालन करते हुए बुद्ध वंदना की।
बुद्ध विहार महामाया सरोवर सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्री बलवंत कुमार मौर्य ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और मानवता के प्रति अपनी आस्था एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का महान अवसर है। भगवान बुद्ध का करुणा, समता, प्रेम और अहिंसा का संदेश आज भी पूरे विश्व के लिए प्रासंगिक है। हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में शांति, सद्भाव, भाईचारे और मानवीय मूल्यों को मजबूत बनाने का संकल्प लेना चाहिए।
तथा इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गुरु मानव जीवन के सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। गुरु के ज्ञान, संस्कार एवं प्रेरणा से ही व्यक्ति का जीवन सफल और समाजोपयोगी बनता है। भगवान बुद्ध ने अपने उपदेशों के माध्यम से सत्य, अहिंसा, करुणा, मैत्री और समता का संदेश देकर संपूर्ण मानव समाज को नई दिशा प्रदान की। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही समाज में शांति, सद्भाव, भाईचारा एवं नैतिक मूल्यों की स्थापना की जा सकती है।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया तथा उनसे सुख, शांति, समृद्धि एवं मानव कल्याण की मंगलकामना की। इस दौरान बुद्ध पाठ धर्म चर्चा एवं सामूहिक प्रार्थना का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज में शिक्षा, नैतिकता, प्रेम, करुणा एवं मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। बुद्ध मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था तथा कार्यक्रम के उपरांत सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
इस अवसर पर बुद्ध विहार महामाया सरोवर सेवा संस्थान के पदाधिकारी, सदस्य सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन का वातावरण श्रद्धा, अनुशासन एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा। कार्यक्रम का समापन भगवान बुद्ध की आरती, विश्व शांति की प्रार्थना एवं सभी के सुख-समृद्धि की कामना के साथ संपन्न हुआ।
इस दौरान अजय मौर्य, संदीप मौर्य, रमेश मौर्य, नंदलाल मौर्य, लालजी सिंह, डॉ. बुद्ध प्रताप, वासुदेव मौर्य, रामकेश मौर्य, उषा सिंह मौर्य, संतोष कुमार मौर्य, इंद्रदेव सिंह, लवकुश, शकुंतला देवी, अनीता ,अर्चना, दूधनाथ पाल,उमेश, सुजीत, गौरी शंकर, दरोगा, कुंदन, भोला मौर्य, सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं बुद्ध अनुयायी उपस्थित रहे।







