वाराणसी
मिर्जापुर के चिल्ह थाना पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 15 लाख रुपये कीमत की अवैध अंग्रेजी शराब के साथ दो अंतरराज्यीय शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन भी सीज कर दिया है।
मुखबिर की सूचना पर ग्राम पुराना बाड़ा क्षेत्र में पिकअप वाहन (UP 65 RT 2856) को रोककर तलाशी ली गई। वाहन से 1870 बोतल आफ्टर डार्क ब्लू (180 एमएल), 775 बोतल मैजिक मूवमेंट जामुन स्पाइसी मिंट (180 एमएल), 8 बोतल रॉयल स्टैग (750 एमएल) तथा 51 बोतल मैजिक मूवमेंट ऑरेंज और ग्रीन एप्पल (750 एमएल) सहित बड़ी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई।

गिरफ्तार तस्करों की पहचान अमित कुमार सिन्हा और जैकी कुमार, दोनों निवासी अरवल (बिहार), के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मध्य प्रदेश के सीधी (मऊगंज) से शराब लाकर बिहार में ऊंचे दामों पर बेचते थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है, जबकि तस्करी में प्रयुक्त वाहन को भी सीज कर दिया गया है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर हर कार्रवाई और हर गिरफ्तारी के बाद भी शराब तस्करी का नेटवर्क दोबारा इतनी तेजी से कैसे सक्रिय हो जाता है? क्या तस्करों के पीछे कोई बड़ा गिरोह है या फिर व्यवस्था में कहीं ऐसी कमजोर कड़ी है, जिसके कारण यह अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा? पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन तस्करी का सिलसिला भी उतनी ही तेजी से फिर शुरू होता दिखाई देता है।







