सायंकाल तक यह महायज्ञ चलेगा। अपने पूर्वजों की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए, जहां कहीं भी हों, एक पेड़ लगाएं और उसकी सुरक्षा का संकल्प लें।
धरती माता की आरोग्यता की रक्षा करेंगे, तो हम भी आरोग्यता को प्राप्त करेंगे।
रिपोर्ट: विजयलक्ष्मी तिवारी
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