वाराणसी।
मानवता और सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश करते हुए अमन कबीर सेवा न्यास ने एक अज्ञात मुस्लिम शव का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया। सोमवार 8 जून 2026 को कोतवाली थाना के माध्यम से एक अज्ञात मुस्लिम शव प्राप्त हुआ, जिसके परिजन या पहचान करने वाला कोई व्यक्ति सामने नहीं आया।
ऐसे समय में अमन कबीर सेवा न्यास के सदस्यों ने आगे बढ़कर मानवता का परिचय दिया और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार शव को सम्मानपूर्वक सुपुर्द-ए-खाक कराया। संस्था के सदस्यों ने कहा कि हर इंसान को सम्मानजनक विदाई मिलना उसका अधिकार है और यही उनकी सेवा का मूल उद्देश्य है।
संस्था का कहना है कि जिन लोगों का इस दुनिया में कोई अपना नहीं होता, उनके लिए मानवता ही सबसे बड़ा सहारा बनती है। इस मानवीय कार्य को सफल बनाने में सहयोग देने वाले दानदाताओं, शुभचिंतकों और सेवा साथियों के प्रति संस्था ने आभार व्यक्त किया।
अमन कबीर सेवा न्यास ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि उनका सहयोग और सहभागिता आगे भी इसी तरह बनी रहे, ताकि भविष्य में किसी भी असहाय, लावारिस या जरूरतमंद व्यक्ति का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान और गरिमा के साथ कराया जा सके।
“मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है” के संदेश के साथ संस्था लगातार समाज के जरूरतमंद और असहाय लोगों की मदद में जुटी हुई है।







