जांच में सामने आया कि 28 मई को स्वर्ण व्यवसायी से हुई लूट की घटना से पहले उसी दुकान में टप्पेबाजी हुई थी, लेकिन सूचना होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा एक युवती के सुसाइड नोट छोड़कर गायब होने के मामले में भी लगभग दो माह तक जांच लंबित रही।
युवती की मृत्यु गुमशुदगी वाले दिन ही वाराणसी में हो गई थी, लेकिन समय पर जानकारी और जांच न होने से उसका अंतिम संस्कार अज्ञात शव के रूप में कर दिया गया। एसपी आकाश पटेल ने कहा कि लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.







