कानपुर कानपुर के चर्चित ईशा सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह को कोर्ट ने बुधवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। अभियुक्त पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन की ओर से इसे बर्बरतापूर्वक हत्या बताते हुए फांसी की मांग की गई जबकि बचाव पक्ष ने पहला अपराध होने का हवाला देते हुए कम से कम सजा देने की मांग की थी।
इस मामले में पांच आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। दरोगा घटना के बाद से जेल में बंद है। उसे निलंबित कर दिया गया था।
वारदात के दौरान वह प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा थाने में बतौर थानाध्यक्ष तैनात था।चित्रकूट, मऊ के छिवलहा निवासी ज्ञानेंद्र सिंह सचान काकादेव समेत कई थानों में तैनात रहा।







