वाराणसी कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से आज, 29 मार्च 2026 को अपर पुलिस उपायुक्त (गोमती ज़ोन) नृपेन्द्र द्वारा थाना मिर्जामुराद का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल अभिलेखों की जांच की, बल्कि आधुनिक पुलिसिंग मानकों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश भी दिए।
अभिलेख और परिसर की स्वच्छता: एडीसीपी ने थाना कार्यालय के रजिस्टरों को अपडेट रखने और मालखाने में रखे लावारिस वाहनों के शीघ्र निस्तारण के आदेश दिए। उन्होंने बैरक, भोजनालय और बंदीगृह की व्यवस्थाओं का भी बारीकी से अवलोकन किया।
तकनीकी अपडेट (E-Sakshya): विशेष रूप से उपनिरीक्षकों को निर्देशित किया गया कि विवेचनाओं में ‘ई-साक्ष्य’ (E-Sakshya) का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें। लंबित मामलों और पूर्व में प्रेषित चार्जशीट/फाइनल रिपोर्ट वाले प्रकरणों में भी डिजिटल साक्ष्य अपलोड करने की प्रक्रिया जल्द पूर्ण करने पर बल दिया गया।
महिला सुरक्षा: ‘मिशन शक्ति’ केंद्र और महिला हेल्प डेस्क की समीक्षा करते हुए उन्होंने शिकायतों के त्वरित निस्तारण और क्षेत्र में जन-जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।\
संवेदनशील पुलिसिंग: नृपेन्द्र ने पुलिसकर्मियों को जनता के साथ संवेदनशील संवाद और प्रोफेशनल आचरण बनाए रखने की हिदायत दी, ताकि पीड़ित को थाने में ‘शिकायतकर्ता-हितैषी’ वातावरण मिल सके।
निरीक्षण के अंत में उन्होंने निर्माणाधीन थाना भवन का भी जायजा लिया और कार्य की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर प्रभारी निरीक्षक मिर्जामुराद सहित ज़ोन के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।







