चंदौली किसानो की समस्याओं का निदान होने के आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं। इस संबंध में किसान विकास मंच संगठन मंत्री राम सिंह ने बताया कि फसलों की समय से खरीदारी नहीं होने से भयंकर नुकसानी का सामना करना पड़ सकता है। जब कि धान खरीद की पोर्टल फीडिंग सिर्फ एक दिन बाकी है, लेकिन बहुत किसानों ने धान बेंच तो दिया लेकिन फीडिंग नहीं हो पाई है।
कभी 50 कुंतल की फीडिंग किसी दिन 100 कुंतल की फिडिंग कदाचित 200 कुंतल की फिडिंग हो रही है।कभी पोर्टल बिल्कुल बंद हो जा रहा है। किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को आवेदन देकर अवगत कराया था। साथ ही डिप्टी आरएमओ ऑफिस भी कार्यकर्ताओं ने दस्तक दिया लेकिन ड्यूटी आईएमओ की ड्यूटी विभागेतर कार्यों में इस समय भी लगायी जा रही है।
कार्यालय पर उनसे मुलाकात हो पाना मुनासिब नहीं हुआ वही शाम 4:30 तक किसानों ने इंतजार किया फिर भी डिप्टी आरएमओ से मुलाकात नहीं हो पाई। जबकि समस्या उत्पन्न होने के कारण फरियादी किसान आते गए और कुर्सी खाली देखकर लौटते गए। वही किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने शाम तक इंतजार किया परंतु मुलाकात नहीं हो सकी।
जबकि जिलाधिकारी से कलेक्ट्रेट मीटिंग हॉल में किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने मांग किया था की धान खरीद के पीक सीजन में डिप्टी आरएमओ की ड्यूटी विभागेतर कार्यों में न लगायी जाय। पोर्टल फीडिंग की समस्या ऐसे बढ़ी कि चंद क्रय केंद्रों पर कभी 50 कुंतल, कभी 100 कुंतल, कभी डेढ़ सौ कुंतल कदाचित 200 कुंतल के लिए पोर्टल खोले गए।
कुछ किसान जो किसी लाचारी के चलते या साधन हीनता के कारण धान खरीद सेंटरों पर धान नहीं बेंच सके। ऐसे किसानों ने राइस मिलरों को धान दे दिया है लेकिन उसकी भी फीडिंग नहीं हो रही है। जब राइस मिलर घाटे में पड़ेगा मिले बंद हो जाएंगी तब मिलर और किसान दोनों आत्महत्या को मजबूर होंगे। क्योंकि पोर्टल फीडिंग नहीं होने से भयंकर नुकसान का सामना करना होगा जो कि असहनीय होगा।
इसलिए किसान विकास मंच मांग करता है कि धान के सरकारी खरीद की पोर्टल फीडिंग की डेट मार्च महीने में चार दिन के लिए और बढ़ाया जाए। इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने वालों में रणजीत सिंह, सुशील पांडेय, तौसीफ खान, सत्यप्रकाश मुनी, उपेंद्र सिंह सम्मिलित थे।







