वाराणसी। दालमंडीं ध्वस्थिकरण के बाद सपा प्रतिनिधिमंडल को रोकने पर सियासी हलचल नाजो नजाकत के साथ शुरू हो गई।
पूर्वांचल की प्रमुख व्यापारिक दालमंडी मैं ध्वस्तीकरणं की कार्रवाई के बाद इलाके में रहने वाले परिवारों की परेशानियों को समझने के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल को मौके पर भेजने के निर्देश दिये थे।
इस निर्देश के बाद विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और शिक्षक एमएलसी लाल बिहारी यादव ने सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल नामित किया।प्रश्न सामने आने के बाद वाराणसी पुलिस सक्रिय हुई, और त्वरित कार्रवाई करते हुए समाजवादी पार्टी नेताओं को रात में ही उनके घरों पर रोक दिया गया। पुलिस का कहना है की दाल मंडी क्षेत्र में बिना अनुमति के प्रवेश करना वर्जित है। सपा नेता बनारस वाले हरीश मिश्रा को उनके आवास पर नजर बंद किया गया।

वाराणसी,शहर में पुलिस की कार्रवाई,व हाउस अरेस्ट दाल मंडी जाने से पहले शहर के कई समाजवादी पार्टी नेताओं के कई आवास पर पुलिस का पहरा लगाया गया।लंका थाना क्षेत्र में पार्टी नेता सत्य प्रकाश सोनकर के घर पुलिस पहुंची। उनसे कहा गया की दाल मंडी में बिना अनुमति के प्रवेश नहीं किया जा सकता है। इसलिए एहतियाजन घर पर निगरानी रखी जा रही है।
सत्य प्रकाश सोनकर पत्नी पूनम सोनकर पूर्व विधायक ने इस कार्रवाई को तानाशाही रवैया बताया और कहा कि किसी के दुख दर्द को समझने के लिए जाना भी अब मुश्किल कर दिया गया है।इसी तरह लंका पुलिस देर रात अमन यादव के घर पहुंची और उन्हें भी बाहर जाने से रोक दिया गया। अमन यादव ने कहा कि यह कार्रवाई शासन के निगरानी में रखा गया। उन्होंने इसे दमनकारी नीति बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक प्रतिनिधियां पीड़ितों से मिलने से रोकना गलत है।
सपा प्रतिनिधि में शामिल नेता
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशन पर नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव से पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल के नेतृत्व में, सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल का गठन किया है। प्रतिनिधि मंडल में स्नातक एमएलसी आशुतोष सिंह, जिला अध्यक्ष सुजीत यादव, प्रदेश अध्यक्ष महिला सपा रिबू श्रीवास्तव पूर्व प्रत्याशी अशफाक अहमद, पूर्व विधायक समद अंसारी, पूर्व प्रत्याशी पूजा यादव, पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा, पूर्व महासचिव लालू यादव, दिलशाद अहमद, डिंल्लू यादव शामिल रहे। प्रतिनिधि मंडल का उद्देश्य रहा ध्वस्तीकरण परिवारों से मिलनां उनके दुख दर्द को समझना।







