इलिया, चंदौली 14 फरवरी की रात करीब 8:15 बजे इलाके के एक पेट्रोल पंप पर ऐसा हंगामा हुआ जिसने पूरे क्षेत्र को सन्न कर दिया। आरोप है कि परिवार के ही दूसरे पक्ष के लोग अचानक पहुंचे और ड्यूटी पर तैनात दिव्यांग सेल्समैन विशाल कुमार के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
पीड़ित का कहना है कि उसे लात-जूतों से पीटा गया, ईंट से वार किया गया और जमीन पर पटक-पटक कर घायल कर दिया गया। घटना का वीडियो और सीसीटीवी फुटेज मौजूद होने की बात सामने आ रही है, जिसमें पूरी झड़प कैद होने का दावा किया जा रहा है।
विशाल कुमार ने आरोप लगाया है कि यह विवाद नया नहीं है। पूर्व में भी कथित तौर पर जबरन गाड़ियों और डिब्बों में डीजल-पेट्रोल भरकर ले जाने और विरोध करने पर धमकाने की घटनाएं हुईं। सवाल उठ रहा है—क्या इन आरोपों की कभी गंभीरता से जांच हुई?
घटना के दौरान पेट्रोल छिड़क कर आग लगाने की धमकी दिए जाने का भी आरोप है। पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील स्थान पर ऐसी चेतावनी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे इलाके की सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी मानी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, सूचना स्वयं पीड़ित ने दी थी। लेकिन बाद में उल्टा उसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने और उसे थाने में बैठाए जाने की चर्चा है। गंभीर चोट के कारण उसे जिला अस्पताल रेफर किए जाने की बात भी सामने आई है।
अब क्षेत्र में एक ही सवाल गूंज रहा है—
क्या जांच निष्पक्ष होगी?
क्या सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित किया गया है?
क्या जबरन तेल भरने और आग लगाने की धमकी जैसे गंभीर आरोप केस का हिस्सा बनेंगे?
इलिया में मामला अब निजी झगड़े से आगे बढ़कर कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा का मुद्दा बन चुका है। प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी







