3 साल के बच्चे ने अपनी मां ज्योति राठौर को उसके प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया । मां ने अपने बेटे को छत से फेक दिया और उसकी हत्या कर दी। ये बात जमाने से छुपी रही। ज्योति का पति भी इस बात को हादसा समझता रहा।
फिर ज्योति की तबियत अचानक खराब होने लगी। उसका बेटा उसे सपने में दिखाई देता था। वो रात में घबराकर उठ जाती थी। उसका मानना था कि बेटे की आत्मा घर मे घूम रही है। इस बात से परेशान होकर उसने अपने पति ध्यान सिंह को सच्चाई बता दी।
ध्यान सिंह ने ज्योति को विश्वास में लिया और उससे सब बातें उगलवाई। दो महीने तक उसने सबूत इकट्ठे किये । मोबाइल पर रिकॉर्डिंग भी की । उसके बाद उसने अपनी पत्नी के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई।
17 जनवरी को अदालत ने सबूत के आधार पर ज्योति को दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई । ज्योति के प्रेमी उदय के खिलाफ सबूत न मिलने के कारण उसे बरी कर दिया गया







