सक्रांति शब्द का अर्थ होता है सूर्य का एक राशि से दूरी राशि में प्रस्थान करना. मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तर दिशा की ओर गमन करते हुए धनु राशि से निकल कर मकर राशि की ओर प्रस्थान करते हैं.
इस दिवस पर सूर्य की किरणें अमृत समान मानी जाती है. इसीलिए मकर संक्रांति के पर्व का धार्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व है.
भगवान सूर्य के द्वारा कहे गए कथन के अनुसार इस दिवस पर तिल एवं गुड़ का भोग लगाने पर सूर्यदेव एवं उनके पुत्र शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
इस पर्व को कश्मीर से कन्याकुमारी और सिंध से जावा तक विभिन्न स्वरूपों में मनाया जाता है.
देवताओं को उनके नये दिन में प्रणाम कर स्वागत करते हुए आपको मकर संक्रांति की शुभकामना
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रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला







