जौनपुर। मछलीशहर–वाराणसी हाईवे को जौनपुर–मिर्जापुर हाईवे से जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना फिलहाल अधर में लटक गई है रामपुर–निगोह–जरौना–गोधना मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर तैयार किया गया पूरा प्रस्ताव शासन से मंजूरी नहीं पा सका। इसकी मुख्य वजह 25 करोड़ रुपये से अधिक का बजट बताया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग द्वारा इस मार्ग को साढ़े पांच मीटर चौड़ा करने के लिए 31.38 करोड़ रुपये की लागत से 19.885 किलोमीटर सड़क निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था। हालांकि शासन ने बजट सीमा का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और इसे दोबारा संशोधित कर भेजने के निर्देश दिए।
इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने संशोधित प्रस्ताव के तहत केवल रामपुर से निगोह तक 12.450 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण के लिए 18.12 करोड़ रुपये का एस्टीमेट भेजा। इस नई योजना में जरौना से निगोह तक 7.435 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण शामिल नहीं किया गया है।
लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता धर्मेंद्र कुमार के अनुसार, पहले रामपुर से जरौना तक सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन उसे स्वीकृति नहीं मिल सकी। अब रामपुर से निगोह तक ही सड़क चौड़ी किए जाने की उम्मीद है। बजट की अड़चन के चलते दो बड़े हाईवे को जोड़ने का सपना फिलहाल अधूरा रह गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को अभी बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के लिए इंतजार करना पड़ेगा।







