वाराणसी बदलते इस मौसम में तापमान ऊपर-नीचे हो रहा है। दिन में गर्मी तो रात में हल्की ठंड हो जाती है। दिन की गर्मी देखकर लोग रात की हल्की सर्दी के प्रति लापरवाह रहते हैं। यहीं लापरवाही बीमारी का कारण बन जाती है। मौसम बदलने के साथ बच्चों में वायरल इंफेक्शन का होता है बाबतपुर नियार के चिकित्सक डॉ. गौरीशंकर दूबे ने बाहरी खानपान से परहेज के साथ-साथ गंदगी वाले रास्तों से बचकर गुजरने और हेल्थी खाना खाने की सलाह लोगों को दी है. जिससे होने वाली बीमारियों, समस्याओं से बचा जा सकता है. बरसात के मौसम में वायरल इंफेक्शन बढ़ जाता है, ऐसे समय में खांसी, जुखाम, बुखार जैसी बीमारिया होने लगती है. खासकर बच्चों और बुजुर्गो में वायरल इंफेक्शन बढ़ने का खतरा अधिक रहता है.
इस मौसम पर घर के लोगों को दोनों पर खास ध्यान रखने की जरूरत होती है.मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। सबसे ज्यादा सर्दी, जुकाम, बुखार और हृदय रोगी अस्पताल पहुंच रहे हैं।बदलता मौसम श्वास, दमा, ब्लड प्रेशर, हृदय के मरीजों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। अस्पतालों में धीरे-धीरे ऐसे मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, जो मौसमी बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। सर्दी जुकाम के अलावा खांसी से पीड़ित मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। इसके अलावा बदन दर्द, जोड़ों का दर्द और सांस फूलने से परेशान मरीज भी आ रहे हैं। अस्थमा, दमा, ब्लड प्रेशर, सांस फूलने और सीने में दर्द के मरीजों की संख्या भी कम नहीं है।
इसके साथ ही एक दिन में 10 से 20 मरीज हृदय रोग से संबंधित पहुंच रहे हैं। ऐसे में हृदय रोगियों को सबसे अधिक खतरा है।यह न खाएं हृदय रोगी चिकित्सक गौरीशंकर दूबे के मुताबिक हार्टअटैक के मरीज को जहां ठंड से बचाव की जरूरत है, वहीं चिकनाई युक्त भोजन मना कर दिया जाता है। नमक की मात्रा बहुत कम कर दी जाती है। मछली, मांस, शराब, बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू पर पूर्णतया रोक लगा दें। यह मरीज के लिए लाभदायक सिद्घ होगा। इसके सेवन से मरीज की हालत और बिगड़ सकती है। मौसमी बीमारियों से बचाव सुबह शाम की ठंड से बचें,गर्म कपड़े पहनें,गर्म पानी पिएं और गर्म भोजन खाए,ठंडी चीजों का इस्तेमाल का न करें,सर्दी-जुकाम होने पर भी चिकित्सक की सलाह लें,पेट में गैस की शिकायत पर तुरंत दवा ले, मुंह पर मास्क या कपड़ा रख कर निकलें।







