जक्खिनी आराजी लाइन विकास खंड के पनियारा गांव में अंतराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र वाराणसी के निदेशक डॉ सुधांशु सिंह के नेतृत्व में धान की सीधी बुआई समूह बनाकर की गई थी। शुक्रवार को कृषि उपनिदेशक अमित जायसवाल व कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ अमितेश सिंह की उपस्थिति में इरी शार्क के वैज्ञानिकों ने धान की सीधी बुआई की क्रॉप कटिंग कराई ।
जहां धान की रोपाई वाले प्लाट में 45 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की उपज आती रही है, वहीं पर इस गांव में धान की सीधी बुआई की क्रॉप कटिंग में पैदावार 14 प्रतिशत नमी पर 67 क्विंटल प्रति हेक्टेयर मिली। इस मौके पर उपस्थित कृषि उप निदेशक अमित जायसवाल ने धान की सीधी बुआई विधि की सराहना करते हुए कहा कि इस विधि से धान खेती की लागत में काफी कमी आई है। समय से बुआई के कारण रबी सीजन की फसल भी समय से बुआई हो पाएगी, जिससे रबी की फसल की उपज भीअच्छी होगी।







