अम्बेडकरनगर
अम्बेडकरनगर जनपद में दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही तहसील आलापुर क्षेत्र के बाजारों में पटाखों का कारोबार तेजी से पैर पसारने लगा है।
आरोप है कि कई बाजारों चौराहों और गली मोहल्लों में बिना वैध लाइसेंस और आवश्यक अनुमति के खुलेआम पटाखों की बिक्री की जा रही है। सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर चल रहे इस कारोबार ने अग्निकांड और बड़े हादसे की आशंका बढ़ा दी है।
क्षेत्र के रामनगर बाजार, हुसेनपुर बाजार, कटघर, नरियांव बाजार, नगर पंचायत जहांगीरगंज, मामपुर, गिरैया बाजार, सरजू नगर, कम्हारिया घाट, मदैनिया, गढ़वल चौराहा, तेन्दुआईकला, देवरिया बाजार, पदमपुर चौराहा नगर पंचायत राजेसुल्तानपुर और सिंघलपट्टी चौराहा सहित अन्य स्थानों पर पटाखों की बिक्री को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
क्षेत्र के सभी बाजारों में कथित तौर पर बिना वैध लाइसेंस और अनुमति के पटाखों की बिक्री का कारोबार फल फूल रहा है। अगर किसी दुकानदार का लाईसेंस और पर मिशन लिया हो तो कागज चेंक किया जाए स्थानीय स्तर पर आरोप हैं कि कुछ दुकानदार
बिना निर्धारित प्रक्रिया और जरूरी अनुमति के पटाखों की बिक्री कर रहे हैं। घनी आबादी वाले बाजारों और दुकानों के आसपास यदि सुरक्षा इंतजामों के बिना विस्फोटक सामग्री का भंडारण और बिक्री हो रही है तो यह किसी बड़े हादसे को न्योता देने से कम नहीं है।
बाजारों में खरीदारी के लिए महिलाओं बच्चों और बुजुर्गों की भीड़ रहती है। ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही भी जान माल के भारी नुकसान का कारण बन सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार विभागों की नजर इन दुकानों पर क्यों नहीं पड़ रही है
क्या दीपावली के दौरान किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी क्या संबंधित अधिकारियों को बाजारों में चल रहे पटाखों के कारोबार की जानकारी नहीं है या फिर जांच और कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित है अब देखना यह है कि जिला
प्रशासन पुलिस विभाग अग्निशमन विभाग और संबंधित लाइसेंसिंग अधिकारी इन बाजारों में जांच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करते हैं या फिर दीपावली का त्योहार बीतने के बाद ही औपचारिकता निभाई जाएगी
जनहित में मांग है कि तहसील आलापुर क्षेत्र के सभी प्रमुख बाजारों में सघन जांच अभियान चलाया जाए। वैध लाइसेंस निर्धारित बिक्री स्थल सुरक्षित भंडारण और अग्निशमन व्यवस्था की जांच हो तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए ताकि किसी निर्दोष की जान खतरे में न पड़े।







