चन्दौली डीडीयू नगर
धनतेरस के पावन अवसर पर नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) के सौजन्य से आयुष हेल्थ केयर हॉस्पिटल के प्रांगण में भगवान श्री धन्वंतरि का विधि-विधान से पूजन-अर्चन एवं आराधना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धा के साथ आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में चिकित्सकों ने भगवान धन्वंतरि के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर सर्वजन के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की।
इस अवसर पर नीमा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. ओपी सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य ही मानव जीवन का सबसे बड़ा धन है। दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत धनतेरस से होती है, जो भगवान धन्वंतरि की आराधना और स्वास्थ्य के प्रति हमारी प्राचीन परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सोने-चांदी और भौतिक संपत्तियों से कहीं अधिक मूल्यवान मनुष्य की निरोगी काया है। यदि व्यक्ति स्वस्थ है तो वह जीवन के प्रत्येक सुख का आनंद उठा सकता है। इसलिए स्वास्थ्य को सबसे बड़ी पूंजी मानते हुए उसकी रक्षा करना हम सभी का दायित्व है।
डॉ. सिंह ने कहा कि भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद एवं चिकित्सा का देवता माना जाता है। धनतेरस का पर्व हमें भारतीय चिकित्सा परंपरा, आयुर्वेद के महत्व और प्राकृतिक जीवनशैली के प्रति जागरूक रहने का संदेश देता है। भारत सरकार द्वारा इस अवसर पर राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया जाना भी हमारी प्राचीन चिकित्सा पद्धति के महत्व और उसकी उपयोगिता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली और खानपान के बीच लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष सजग रहने की आवश्यकता है। नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार, योग, व्यायाम और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाकर अनेक बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
कार्यक्रम में चिकित्सकों ने भगवान धन्वंतरि से प्रार्थना की कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ, निरोगी और खुशहाल रहे। साथ ही आयुर्वेद एवं चिकित्सा के माध्यम से मानव सेवा के संकल्प को और मजबूत बनाने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. विकास सिंह, डॉ. तनु सिंह, डॉ. अरुण स्वामी, डॉ. आर.डी. तिवारी, डॉ. पल्लव, डॉ. संतोष शर्मा, डॉ. सी.बी. सिंह, डॉ. संदीप तिवारी, डॉ. वाई.पी. यादव, डॉ. मनोज सिंह, डॉ. सरफराज, डॉ. दत्ता, डॉ. विजयानंद तिवारी, डॉ. नरेश पटेल, डॉ. आशा बिंद, डॉ. भारत जायसवाल, डॉ. सी.एन. तिवारी एवं राजू तिवारी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।






