धनतेरस के अवसर पर शहर के प्रमुख बाजारों एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में खरीदारी के लिए उमड़ रही भारी भीड़, वाहनों के बढ़ते दबाव एवं बाजारों में बढ़ती चहल-पहल के दृष्टिगत पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल स्वयं सड़कों पर उतरे। पुलिस आयुक्त द्वारा मंडुवाडीह चौराहा, महमूरगंज, सिगरा एवं रथयात्रा तक पैदल गश्त कर यातायात व्यवस्था, पार्किंग प्रबंधन, अतिक्रमण एवं सुरक्षा व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं शोरूम के सामने वाहनों के अनियोजित खड़े होने तथा ग्राहकों की भीड़ के कारण उत्पन्न हो रहे यातायात अवरोधों का संज्ञान लेते हुए पुलिस आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं प्रतिष्ठान संचालकों को मौके पर ही कड़े दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखना पुलिस के साथ-साथ प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठानों की भी जिम्मेदारी है।
इसके अतिरिक्त माँ अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन हेतु दिनांक 06.11.2026 से 10.11.2026 तक पांच दिनों के लिए मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए हैं। प्रतिदिन प्रातः 05:00 बजे से रात्रि 11:15 बजे तक दर्शन की व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस आयुक्त द्वारा मैदागिन से रामापुरा चौराहा तक पैदल गश्त कर माँ अन्नपूर्णा मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन एवं श्रद्धालुओं के आवागमन का जायजा लिया गया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से सीधे संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना एवं दर्शन व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही मंदिर के महन्त शंकरपुरी महाराज से संवाद कर सुरक्षा एवं दर्शन व्यवस्था पर चर्चा की गई।
निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए गएः—
1. प्रमुख प्रतिष्ठानों के स्वामियों की जवाबदेही निर्धारित:
• बड़े शोरूम, मॉल एवं प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठानों के स्वामी अपने प्रतिष्ठान के सामने यातायात व्यवस्था सुचारु रखने की स्वयं जिम्मेदारी लें। इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों/सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करें, जो ग्राहकों के वाहनों को व्यवस्थित रूप से पार्क कराएं तथा सड़क पर जाम एवं यातायात अवरोध उत्पन्न न होने दें।
2. पार्किंग एवं अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण:
• प्रतिष्ठानों के सामने सड़क एवं फुटपाथ पर अनियंत्रित पार्किंग अथवा अतिक्रमण न होने दिया जाए। प्रतिष्ठानों की पार्किंग क्षमता का आकलन कर वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पार्किंग स्थल भरने पर वाहन चालकों को नजदीकी वैकल्पिक पार्किंग स्थलों की ओर भेजा जाए। निर्धारित व्यवस्था का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
3. थानों की 80 प्रतिशत पुलिस फोर्स सड़क पर रहेगी:
• प्रत्येक थाने की उपलब्ध पुलिस फोर्स का कम से कम 80 प्रतिशत हिस्सा सड़कों, प्रमुख चौराहों, बाजारों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ड्यूटी करता हुआ दिखाई देना चाहिए। पुलिसकर्मियों की प्रभावी उपस्थिति से आमजन में सुरक्षा का भाव एवं यातायात व्यवस्था में सुगमता सुनिश्चित की जाए।
4. प्रमुख बाजारों एवं चौराहों पर प्रभावी यातायात प्रबंधन:
• यातायात पुलिस एवं स्थानीय पुलिस आपसी समन्वय से मंडुवाडीह, महमूरगंज, सिगरा, रथयात्रा सहित प्रमुख बाजारों एवं जाम संभावित स्थलों पर सतत निगरानी रखें। भीड़ एवं वाहनों के दबाव के अनुसार पुलिस बल की तैनाती एवं आवश्यकतानुसार यातायात डायवर्जन की व्यवस्था की जाए।
5. माँ अन्नपूर्णा मंदिर में सुगम एवं सुरक्षित दर्शन की व्यवस्था:
• श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के दृष्टिगत मंदिर परिसर एवं दर्शन मार्गों पर प्रभावी बैरिकेडिंग, भीड़ प्रबंधन एवं प्रवेश-निकास की निर्धारित एकल मार्ग व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध एवं सुगम दर्शन कराए जाएं तथा बुजुर्गों, दिव्यांगजनों एवं बच्चों को विशेष सहायता उपलब्ध कराई जाए।
6. सीसीटीवी एवं ड्रोन से सतत निगरानी:
• माँ अन्नपूर्णा मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम से निरंतर निगरानी रखी जाए। ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ के दबाव एवं संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु पर्याप्त महिला पुलिस बल एवं सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
7. पुलिसकर्मियों का व्यवहार एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा:
• ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मी पूर्ण सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। श्रद्धालुओं को ‘सर’ एवं ‘मैडम’ कहकर संबोधित करते हुए विनम्र एवं सहयोगात्मक व्यवहार करें। जेबकतरों, अराजक तत्वों एवं श्रद्धालुओं को परेशान करने वालों पर विशेष निगरानी रखकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए।
8. पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय फील्ड ड्यूटी:
• सभी संबंधित अधिकारी एवं थाना प्रभारी स्वयं क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करें। प्रत्येक थाने की पुलिस फोर्स का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करते हुए बाजारों एवं मंदिर क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान कराया जाए।
9. यातायात नियमों का उल्लंघन एवं आपातकालीन आवागमन:
• गलत दिशा में वाहन चलाने, नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करने, सड़क पर अनावश्यक रूप से वाहन रोकने एवं अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए। एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के निर्बाध आवागमन हेतु प्रमुख मार्गों को बाधा मुक्त रखा जाए।
10. राजपत्रित अधिकारियों द्वारा सतत निगरानी एवं जवाबदेही:
• सभी राजपत्रित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क एवं भ्रमणशील रहकर यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था पर निरंतर नजर रखें। जाम, भीड़ एवं अन्य अव्यवस्थाओं का तत्काल संज्ञान लेकर मौके पर ही प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
धनतेरस के अवसर पर शहर के प्रमुख बाजारों एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में उमड़ी भारी भीड़ तथा वाहनों के बढ़ते दबाव के दृष्टिगत पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल स्वयं सड़कों पर उतरे। उन्होंने मंडुवाडीह चौराहा, महमूरगंज, सिगरा एवं रथयात्रा तक पैदल गश्त कर यातायात, पार्किंग एवं सुरक्षा व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया। प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं शोरूम के सामने जाम एवं अनियंत्रित पार्किंग की स्थिति को देखते हुए प्रतिष्ठान स्वामियों को अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती कर अपने प्रतिष्ठानों के सामने यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के सख्त निर्देश दिए।
साथ ही प्रत्येक थाने की उपलब्ध पुलिस फोर्स का कम से कम 80 प्रतिशत बल सड़क पर तैनात रखने, प्रमुख चौराहों एवं बाजारों में प्रभावी यातायात प्रबंधन, वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था तथा अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। इसके अतिरिक्त माँ अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन हेतु उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ के दृष्टिगत पुलिस आयुक्त महोदय ने मैदागिन से रामापुरा चौराहा तक पैदल गश्त कर मंदिर परिसर एवं आसपास की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं से संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा मंदिर के महन्त शंकरपुरी महाराज जी से भी दर्शन एवं सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की।
अधिकारियों को सीसीटीवी एवं ड्रोन से सतत निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कतारबद्ध दर्शन एवं बुजुर्गों, दिव्यांगजनों तथा बच्चों को विशेष सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पुलिस आयुक्त ने सभी राजपत्रित अधिकारियों को भ्रमणशील रहकर समस्याओं का तत्काल समाधान कराने तथा त्योहारों के दौरान यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।








