इलिया (चंदौली)
पत्नी की हत्या के मामले में माननीय न्यायालय ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अभियुक्त को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा
पुलिस के अनुसार, थाना इलिया में दर्ज मुकदमा संख्या 20/2024, धारा 302 भादवि से संबंधित मामले में अभियुक्त इजहार अली उर्फ मुन्ना पुत्र हनीफ मियां निवासी ग्राम सीहर, थाना इलिया को 30 अक्टूबर 2026 को अपर सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-1 चंदौली के न्यायालय ने दोषसिद्ध किया। न्यायालय के पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार-XI ने अभियुक्त को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
ई-रिक्शा की किश्त को लेकर हुआ था विवाद

मामले के अनुसार, 18 मार्च 2024 की रात करीब नौ बजे मृतका निशा बेगम और उसके पति इजहार अली के बीच ई-रिक्शा की किश्त और पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। बताया गया कि निशा बेगम ने अपने मायके और समूह से कर्ज लेकर ई-रिक्शा खरीदा था। इसी विवाद में पति ने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर ईंट-पत्थरों से सिर और चेहरे पर हमला करने के साथ गला दबाकर पत्नी की हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतका के भाई ने थाना इलिया में मुकदमा दर्ज कराया था।
वैज्ञानिक साक्ष्य बने अहम आधार
पुलिस की ओर से मामले की विवेचना के दौरान डीएनए रिपोर्ट सहित अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने अपना पक्ष मजबूती से रखा, जिसके परिणामस्वरूप अभियुक्त को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई गई।
इस मामले में मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन अधिकारी संजय कुमार त्रिपाठी (एडीजीसी) तथा थाना इलिया के पैरोकार हेड कांस्टेबल अश्वनी राय की प्रभावी पैरवी सराहनीय रही।







