चन्दौली चकिया
ब्लॉक परिसर में विभिन्न गांवों के ग्राम प्रधानों ने विकास कार्यों का बकाया भुगतान न होने के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्राम प्रधानों का आरोप है कि करीब दो साल पहले कराए गए विकास कार्यों का भुगतान अब तक लंबित है। लंबे समय से भुगतान अटके रहने के कारण प्रधानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है
प्रधानों का कहना है कि गांवों में विकास कार्यों को रोकना उचित नहीं था, इसलिए उन्होंने ईंट, बालू, सीमेंट सहित अन्य निर्माण सामग्री उधार लेकर विभिन्न योजनाओं के तहत काम कराया। अब सामग्री आपूर्तिकर्ताओं का कर्ज चुकाने और बकाया भुगतान पाने के लिए उन्हें ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
कर्ज में डूबे प्रधान, विकास कार्यों के भुगतान पर सवाल
ग्राम प्रधानों ने सवाल उठाया कि जब गांवों में विकास कार्य कराने वाले प्रधान ही कर्ज के बोझ तले दब जाएंगे, तो गांवों का विकास आखिर कैसे होगा? उनका कहना है कि भुगतान में लगातार देरी से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है और निर्माण सामग्री देने वाले लोगों के प्रति उनकी जवाबदेही भी बढ़ती जा रही है।
ब्लॉक में सुनवाई नहीं हुई तो जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना
धरना दे रहे ग्राम प्रधानों ने स्पष्ट किया कि यदि चकिया ब्लॉक स्तर पर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और लंबित भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी, तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। प्रधानों ने प्रशासन से मांग की है कि बकाया भुगतान के मामले में तत्काल पहल की जाए, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिल सके।







