वाराणसी। श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के नायक अशोक सिंहल की जयंती के 100 वर्ष पूर्ण होने पर विश्व हिंदू परिषद काशी प्रांत की ओर से रविवार को प्रांत मार्गदर्शक मंडल की बैठक स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के अलोपीबाग आश्रम में हुई।संतों ने कहा कि आज के दिन हमें संकल्प लेना है कि गौ माता की रक्षा, हिंदू समाज में संस्कार, कुटुंब प्रबोधन, नशा मुक्ति के खिलाफ समय निकाल कर समाज का जागरण करेंगे।
संतों ने एक स्वर में कहा कि धर्मांतरण अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। संत माला के साथ भाला भी लेकर निकलेंगे। संतों ने कहा, हिंदू धर्म, संस्कृति के ऊपर प्रहार करने वाले सावधान हो जाएं।
कहा कि हम धर्म और संस्कृति पर आक्रमण बर्दाश्त नहीं करेंगे, पूरी दुनिया में केवल एक हमारा ही धर्म है जो वसुधैव कुटुंबकम की बात करता है, इसलिए हम सब के सुख की कामना करते हैं विश्व मंगल की कामना करते हैं, लेकिन हमारे धर्म और संस्कृति पर प्रहार होगा, आक्रमण होगा तो हम उसका जवाब देना जानते हैं।
महानिर्वाणी अखाड़े के महंत यमुना पुरी ने कहा कि अशोक सिंहल राम मंदिर आंदोलन और समाज निर्माण को हिंदू समाज के संगठन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अभियान मानते थे। वह भारतीय संस्कृति के संवाहक के रूप में जीवन भर कार्य करते रहे। कार्यक्रम की प्रस्तावना विहिप के केंद्रीय सह मंत्री हरिशंकर ने रखा। संचालन प्रांत धर्माचार्य संपर्क प्रमुख आद्याशंकर मिश्र ने किया।
बैठक में निर्वाणी अनी अखाड़ा से गोपाल दास, मठ मछली बंदर काशी से विमल देव आश्रम, रामाश्रम शास्त्री शृंग्वेरपुर, महामंडलेश्वर जयरामदास, सच्चा आश्रम से मनोज ब्रह्मचारी व दिव्यानंद, देवराहा बाबा आश्रम के रामेश्वर प्रपन्नाचार्य, विहिप काशी प्रांत के अध्यक्ष कवीन्द्र प्रताप सिंह, प्रांत संगठन मंत्री राजेंद्र, प्रांत उपाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, सह संपर्क प्रमुख आनंद पांडे, वीरेंद्र मणि त्रिपाठी, ओम आनंद, भूपेंद्र सिंह, धनंजय, शिवम द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।







