पड़री थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में थाना क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों के रामलीला समितियों के संयोजकों, प्रबंधकों और दुर्गा पूजा पंडालों के आयोजकों ने हिस्सा लिया।
सुरक्षा व्यवस्था और आयोजकों की जिम्मेदारियां
बैठक के दौरान सुरक्षा मानकों पर विशेष चर्चा की गई। हर पूजा पंडाल और रामलीला मंचन स्थल पर पर्याप्त रोशनी, सीसीटीवी कैमरे और स्वयंसेवकों की तैनाती अनिवार्य करने पर जोर दिया गया। आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम रखते हुए प्रत्येक पंडाल में अग्निशामक यंत्र और बालू से भरी बाल्टियां रखने के निर्देश दिए गए। मुख्य आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पंडालों व मेलों में किसी भी प्रकार की असुविधा या अव्यवस्था न फैले।
थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह का वक्तव्य
बैठक को संबोधित करते हुए थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आयोजकगण अपने-अपने क्षेत्रों में प्रशासन के नियमों का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने कहा कि त्यौहार हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं और इन्हें आपसी भाईचारे के साथ मनाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
थानाध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों या हुड़दंग मचाने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी तथा डीजे और लाउडस्पीकर के प्रयोग में शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करना अनिवार्य होगा।
शांति और आपसी सौहार्द की अपील
प्रशासन ने सभी ग्राम समितियों से अपील की कि वे त्यौहारों को पारंपरिक सौहार्द के साथ मनाएं। आयोजकों को निर्देशित किया गया कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग और समयावधि का ही पालन करते हुए मूर्तियां स्थापित करें और विसर्जन जुलूस निकालें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की सूचना तुरंत पुलिस को देने की बात कही गई।
बैठक के अंत में सभी आयोजकों ने एक स्वर में प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया, जिससे क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल बना रहे। इस मौके पर राकेश यादव, देवमणि दुबे, सर्वेश कुमार, बंशीधर सिंह,अरविन्द तिवारी, प्रतीक तिवारी प्रवेश तिवारी अमन तिवारी मनीष तिवारी, राज तिवारी शिवम् तिवारी, नीरज दुबे आदि मौजूद थे







