श्रद्धेय अशोक सिंघल जी को 1982 में उन्हें विश्व हिंदू परिषद का दायित्व दिया गया,1983 में श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति का गठन हुआ,तब श्रद्धेय अशोक के जीवन का एक ही ध्येय बन गया, सोते, जागते,यात्रा करते समय सदैव उनके मुंह पर एक ही नाम होता था वो था राम का,
एक संकल्प होता था कि राम काज कीन्हे बिनु,मोहि कहां विश्राम .. !!
दिल्ली –
HM अमित शाह ने अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी वर्ष के उद्घाटन समारोह में कहा, आज जन्म शताब्दी समारोह के उद्घाटन का हिस्सा बनना, मेरे लिए अत्यंत गौरव का क्षण है ,
मैं जब दिल्ली 3 साल रहा, मेरे लिए संकट का समय था ,कांग्रेस पार्टी ने मुझे जेल में डाल दिया था तब मैं विश्व हिंदू परिषद कार्यालय में अशोक से मिलने जाया करता था,आप कल्पना नहीं कर सकते कि 20 मीटर क्षेत्रफल के कार्यालय में, इतने महान व्यक्ति का रसोई, बाथरूम और निद्रा का आसन, सभी एक जगह,इतनी सादगी, इतने बड़े व्यक्तित्व की कभी कोई महसूस नहीं कर सकता, मैंने किया है !!







