पहाड़ी यादव बस्ती की बदहाली पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल, वर्षों से सड़क और जलनिकासी की समस्या बरकरार

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IGRS और नगर निगम में शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं; जनसमस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन की चेतावनी

वाराणसी

नगर निगम वार्ड नंबर 38, ककरमत्ता के अंतर्गत आने वाली पहाड़ी गांव की यादव बस्ती में सड़क, जलनिकासी, साफ-सफाई एवं अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई वर्षों से समस्या झेलने के बावजूद उन्हें अब तक स्थायी समाधान नहीं मिल पाया 

क्षेत्रवासियों के अनुसार, समस्या के समाधान के लिए नगर निगम, स्मार्ट सिटी तथा मुख्यमंत्री जनसुनवाई (IGRS) के माध्यम से कई बार शिकायतें एवं पत्रक दिए गए। इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद मौके पर पहुंचकर समस्या की वास्तविक स्थिति का प्रभावी स्थलीय निरीक्षण एवं सर्वे नहीं कराया गया।

बरसात में बढ़ जाती है परेशानी

पहाड़ी यादव बस्ती में सड़क की खराब स्थिति, जलनिकासी की समस्या और जगह-जगह गंदगी के कारण बरसात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। जलभराव एवं गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की शिकायत स्थानीय लोगों द्वारा की जा रही है। इससे डेंगू एवं अन्य संक्रामक बीमारियों की आशंका को लेकर भी नागरिक चिंतित हैं।

क्षेत्रवासियों का सवाल है कि जब नगर निगम और सरकार शहर में विकास एवं बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा करती है, तो फिर वार्ड नंबर 38 के इस क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान क्यों नहीं हो पा रहा है?

“सबका साथ, सबका विकास” के दावे पर भी उठे सवाल

स्थानीय नागरिकों ने सरकार के “सबका साथ, सबका विकास” के दावे के संदर्भ में भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक बस्ती तक समान रूप से पहुंचना चाहिए। यदि किसी बस्ती के लोग वर्षों से सड़क, नाली और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

स्थानीय लोगों ने यह सवाल भी उठाया है कि तीन इंजन की सरकार होने के बावजूद PDA समाज से जुड़ी बस्ती की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर क्यों नहीं किया जा रहा है? प्रशासन को इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

अब आश्वासन नहीं, जमीन पर काम चाहिए

जनता की मांग बिल्कुल स्पष्ट है—पहाड़ी यादव बस्ती में अधिकारी मौके पर पहुंचें, वास्तविक स्थिति देखें, सर्वे कराएं और समयबद्ध तरीके से सड़क, जलनिकासी एवं सफाई की समस्याओं का स्थायी समाधान कराएं।

प्रमुख मांगें

1. पहाड़ी यादव बस्ती का तत्काल स्थलीय निरीक्षण एवं विस्तृत सर्वे कराया जाए।
2. खराब सड़क का निर्माण/मरम्मत कराकर आवागमन की समस्या दूर की जाए।
3. जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए।
4. विशेष सफाई अभियान चलाकर गंदगी एवं जलभराव की समस्या दूर की जाए।
5. मच्छररोधी अभियान एवं आवश्यक स्वास्थ्य जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी जाए।
6. मुख्यमंत्री IGRS एवं नगर निगम में की गई शिकायतों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा कर जवाबदेही तय की जाए।
7. संबंधित अधिकारी स्थानीय नागरिकों के साथ मौके पर बैठक कर समस्याओं को सुनें और समाधान की स्पष्ट समयसीमा तय करें।

समाधान नहीं हुआ तो होगा शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे किसी राजनीतिक टकराव के पक्ष में नहीं हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि उन्हें सड़क, जलनिकासी, साफ-सफाई और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र ठोस पहल नहीं की गई और समस्याओं का समाधान जमीन पर दिखाई नहीं दिया, तो आने वाले समय में स्थानीय नागरिकों के साथ लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग एवं प्रशासन की होगी।

यह लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता के अधिकार और अपने क्षेत्र के विकास के लिए है।

मौके पर मुख्य रूप से अरुन यादव और अमन यादव , राधेश्याम यादव, मनोज कुमार यादव , संदीप यादव , रोहित यादव, संजय यादव , समस्त ग्रामवासियों मौजूद रहे

 

रिपोर्ट – ईशान मिल्की

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