पड़री/मीरजापुर
खरीफ सीजन में धान की रोपाई और बुवाई का कार्य पूरे जोर-शोर से चल रहा है, लेकिन मौसम की बेरुखी के बीच अब किसानों के सामने उर्वरक संकट भी गंभीर समस्या बन गया है। पहाड़ी विकास खंड की कई सहकारी समितियों पर यूरिया उपलब्ध होने के बावजूद किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। इससे छोटे और सीमांत किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
किसानों का आरोप है कि संबंधित सचिव अनिल कुमार एक साथ तीन सहकारी समितियों का कार्यभार संभाल रहे हैं। इसी कारण समितियां समय पर नहीं खुलतीं और किसानों को सुबह से शाम तक लंबी कतारों में खड़े रहने के बावजूद डीएपी और यूरिया नहीं मिल पाती। कई किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि सचिव का मोबाइल अधिकांश समय बंद रहता है, जिससे उनसे संपर्क तक नहीं हो पाता।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान की रोपाई के समय डीएपी की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक होती है। समय पर उर्वरक नहीं मिलने से फसल की वृद्धि और संभावित उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसान लगातार प्रशासन से व्यवस्था सुधारने और समितियों पर नियमित रूप से सचिव की मौजूदगी सुनिश्चित कराने की मांग कर रहे हैं।
किसानों ने जिला प्रशासन और सहकारिता विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने तथा समितियों के संचालन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि खरीफ सीजन में किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।







