बाबतपुर –वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्री सुविधा दिवस मनाया गया। इस मौके पर पिछले 12 वर्षों (विशेषकर 2014 के बाद) में हुए एयरपोर्ट के कायाकल्प और पूर्वांचल के आर्थिक विकास की कहानी साझा की गई।
यात्रियों और विमानों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
* *10 गुना बढ़े यात्री:* वर्ष 2013-14 में जहां मात्र 4.5 लाख यात्रियों ने सफर किया था, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर
*42.8 लाख से अधिक* हो गया।
* *विमानों की आवाजाही:* सालाना विमान परिचालन 9,360 से बढ़कर *28,190 से अधिक* पहुंच गया है।
. डिजिटल और आधुनिक सुविधाएं
* *डिजीयात्रा (DigiYatra):* साल 2018 में देश का पहला पेपरलेस और कॉन्टैक्टलेस सफर देने वाला एयरपोर्ट बना।
* *सस्ता खान-पान:* आम यात्रियों के लिए अप्रैल 2026 में किफायती दरों वाला उड़ान यात्री कैफे’ शुरू किया गया।
* *सुरक्षित लैंडिंग:*
खराब मौसम और कम दृश्यता से निपटने के लिए यहाँ *ILS CAT-II* और आधुनिक रडार प्रणाली लगाई गई है। कार्गो और कृषि निर्यात में क्रांति
* *एकीकृत कार्गो टर्मिनल:*
2019 में 8,800 वर्ग मीटर में बने टर्मिनल और आधुनिक कोल्ड स्टोरेज से लोकल व्यापार को पंख मिले।
* *किसानों को फायदा:*
वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि अंतर्राष्ट्रीय निर्यात *1,000 मीट्रिक टन* और घरेलू कार्गो 6,500 मीट्रिक टन तक पहुंचा, जिससे बनारसी हस्तशिल्प और किसानों को सीधा लाभ हुआ।
भविष्य की तैयारी:
₹2,870 करोड़ का मेगा प्लान
* एयरपोर्ट को और आधुनिक बनाने के लिए *₹2,870 करोड़* खर्च किए जा रहे हैं।इसके तहत रनवे का विस्तार, *ILS CAT-III* सिस्टम, मल्टी-लेवल पार्किंग और भारत का अनूठा ‘रनवे के नीचे सुरंग’ (Under-Runway Tunnel) का निर्माण कार्य जारी है।
विमानपत्तन निदेशक पुनीत गुप्ता (लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाराणसी) ने प्रतिबद्धता दोहराई कि हवाई अड्डा प्रशासन यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने और पूर्वांचल के आर्थिक विकास में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए निरंतर तत्पर रहेगा।







