जौनपुर।
भारतीय जनता पार्टी में मंडल अध्यक्षों के चयन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामला गाली-गलौज और कथित धमकी तक पहुंच गया है। शुक्रवार को प्रजापति समाज के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार प्रजापति के नेतृत्व में दर्जनों अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह और जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन से मुलाकात कर भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति के खिलाफ शिकायत सौंप दी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि मंडल अध्यक्षों की जारी सूची पर सोशल मीडिया के माध्यम से विरोध दर्ज कराने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने फोन कर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धमकी दी। सुरेंद्र कुमार प्रजापति ने कहा कि उन्होंने केवल संगठनात्मक चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाया था, लेकिन इसके बदले उन्हें अपमानजनक शब्द सुनने पड़े।
अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले में प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। इस प्रकरण को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि कुछ लोग समाज के नाम पर लंबे समय से उन्हें बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि बातचीत के दौरान गुस्से में उनके मुंह से कुछ अपशब्द निकल गए होंगे, लेकिन किसी को धमकी देने का आरोप गलत है।







