मीरजापुर
माँ विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय मीरजापुर से सम्बद्ध केबीपीजी कॉलेज में शनिवार को सेमेस्टर परीक्षा के दौरान परिसर में कुलपति के गनर द्वारा सीनियर प्रोफेसर अशोक कुमार सिंह चंदेल से मोबाइल स्नैचिंग और अभद्रता करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
इस घटना के विरोध में रविवार को जनपदीय शिक्षक महामंत्री डॉ. रतनेश मिश्रा समेत तमाम शिक्षक नेताओं और शिक्षकों ने अपनी बांहों पर काली पट्टी बांधकर परीक्षा कार्यों का निर्वहन किया और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। शिक्षकों ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि जब तक कुलपति के गनर के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक उनका यह आंदोलन और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
इस दौरान जनपदीय शिक्षक महामंत्री डॉ. रतनेश मिश्रा ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, विश्वविद्यालय प्रशासन दोषी गनर के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाय उल्टा शिक्षकों पर ही दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए बकायदा एक फर्जी मुकदमा पंजीकृत कराने की कूट रचना (साजिश) रची जा रही है। शिक्षक प्रशासन की ऐसी किसी भी दमनकारी नीति और दबाव के आगे कदापि झुकने वाले नहीं हैं।
परीक्षा के दौरान काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराने वालों में मुख्य रूप से प्रोफेसर राकेश कुमार शुक्ल, शिक्षक नेता डॉ. अंबुज पांडेय, डॉ. अशोक कुमार पांडेय, डॉ. कुलदीप पांडेय, डॉ. अनुज जायसवाल, डॉ. राजेश कुमार यादव, डॉ. अमित कुमार, डॉ. सत्यकेतु शुक्ला, डॉ. रतन लाल, डॉ. शैलेंद्र कुमार मौर्या, डॉ. अनिल कुमार पांडेय समेत जनपद के तमाम शिक्षक नेता और भारी संख्या में शिक्षक शामिल रहे।
सभी ने एक स्वर में घटना की निंदा करते हुए दोषी के खिलाफ तत्काल सख्त कदम उठाने की मांग की है।







