फाउंडेशन फॉर MSME क्लस्टर और HDB फाइनेंशियल सर्विसेज ने ‘आर्थिक आरोग्यम केंद्र प्रोजेक्ट’ के तहत एक व्यापारी जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस शिविर में व्यापारियों को जीएसटी, MSME, डिजिटल भुगतान और ई-कॉमर्स से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। बड़ी संख्या में व्यापारियों और उद्यमियों ने इसमें भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान, सीए सचिन ने जीएसटी से जुड़ी व्यापारियों की भ्रांतियों और सवालों का सरल भाषा में समाधान किया। उन्होंने जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न दाखिल करने, कंपोजिशन योजना, कर संबंधी सामान्य भ्रम और छोटे व्यापारियों के लिए जीएसटी के लाभों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
सत्र में यह भी बताया गया कि सही वित्तीय दस्तावेज, नियमित जीएसटी फाइलिंग, MSME पंजीकरण और डिजिटल भुगतान अपनाने से बैंक ऋण तथा सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
कार्यक्रम में भीम यूपीआई, MSME (उद्यम) पंजीकरण, बीमा जागरूकता और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। व्यापारियों को डिजिटल भुगतान की सुविधाओं और लाभों से अवगत कराया गया। उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ने, अपने व्यवसाय को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को वित्तीय रूप से जागरूक, डिजिटल रूप से सक्षम और औपचारिक व्यवसाय प्रणाली से जोड़ना था।
इसमें MSME क्लस्टर के स्टेट कोऑर्डिनेटर ब्रजेश पाल, मास्टर ट्रेनर लोकेश तिवारी, डिस्ट्रिक्ट ट्रेनर आनंद दुबे, मिश्रीलाल, सुधा फाउंडेशन, गंगापुर के चेयरमैन प्रतिनिधि सत्यम सेठ, गंगापुर से नामित सभासद कमलेश और अजय जायसवाल सहित सैकड़ों पुरुष एवं महिला व्यापारियों ने भाग लिया।
रिपोर्ट – विजयलक्ष्मी तिवारी







