शहाबगंज, चंदौली
स्थानीय थाना क्षेत्र के बड़गावा गांव में शुक्रवार दोपहर खेतों में फसल अवशेष (डंठल/पराली) जलाने के दौरान आग फैलकर बगल के गांव सुबंथा स्थित कब्रिस्तान तक पहुंच गई।
आग पहुंचने से कब्रिस्तान में मौजूद पेड़-पौधों के साथ सड़क किनारे लगे आधा दर्जन शीशम के पेड़ भी झुलस गए।
वहीं आग की चपेट में आने से केयरा गांव निवासी किसान रामजनम चौहान के खेत में रखा लगभग पांच बीघा का पुआल जलकर राख हो गया।
मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। कब्रिस्तान तक आग पहुंचने की घटना को लेकर ग्रामीणों में चिंता और नाराजगी देखने को मिली।
लोगों का कहना है कि खेतों में फसल अवशेष जलाने की वजह से हर वर्ष इस प्रकार की घटनाएं होती हैं और कई बार आग कब्रिस्तान तक पहुंच जाती है, जिससे बड़ा नुकसान होने की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कब्रिस्तान धार्मिक आस्था से जुड़ा स्थल है। वहां तक आग पहुंचने की घटनाओं से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, जिससे ग्रामीणों में काफी दुख और चिंता रहती है।
किसान रामजनम चौहान ने बताया कि उनका लगभग पांच बीघा का पुआल जलकर राख हो गया। उन्होंने कहा कि हर वर्ष इस तरह की घटनाओं से किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से खेतों में फसल अवशेष जलाने पर रोक लगाने, निगरानी बढ़ाने तथा आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। वहीं आग लगाने वाले व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी है।
क्षेत्रीय लेखपाल ने बताया कि लोगों को खेतों में आग लगाने से मना किया जाता है। मामले की जानकारी लेकर संबंधित लोगों की पहचान की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर थाना को भी सूचना दी जाएगी।
रिपोर्ट – मोहम्मद तस्लीम







