वाराणसी
धर्मनगरी में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही वाराणसी पुलिस ने मनीष सिंह हत्याकांड में बड़ी सफलता हासिल की है।
गोमती जोन की डीसीपी ‘लेडी सिंघम’ नीतू कादयान ने पीड़ित परिवार से जो वादा किया था, उसे पुलिस टीम ने मुठभेड़ के जरिए पूरा कर दिखाया।
करखियांव में पुलिस-बदमाश आमने-सामने
फूलपुर थाना क्षेत्र के करखियांव इलाके में डीसीपी नीतू कादयान और एडीसीपी नृपेंद्र कुमार के निर्देशन में एसओजी और स्थानीय पुलिस ने घेराबंदी की। इसी दौरान 50-50 हजार रुपये के इनामी बदमाश मनीष राजभर और आशीष राजभर ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
एसओजी और फूलपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी
इस ऑपरेशन को सफल बनाने में एसओजी प्रभारी गौरव कुमार सिंह और फूलपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह की अहम भूमिका रही। पुलिस टीम ने सटीक रणनीति के साथ बदमाशों को घेरकर उनके भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए।
डीसीपी ने निभाया वादा
मनीष सिंह हत्याकांड के बाद डीसीपी नीतू कादयान ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया था कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। सोमवार को हुई इस मुठभेड़ ने उस वादे को हकीकत में बदल दिया।
“गोमती जोन में अपराध का अंत तय है। पीड़ित परिवार से किया गया वादा हमने निभाया है और आगे भी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।” —
डीसीपी नीतू कादयान
इस कार्रवाई के बाद वाराणसी के अपराध जगत में हड़कंप मच गया है, जबकि आम लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है।
रिपोर्ट – विजयलक्ष्मी तिवारी







