लखनऊ, 28 अप्रैल:
उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी और बिजली की भारी मांग के बीच सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए लापरवाह अधिकारियों पर बड़ा एक्शन लिया है। अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) एवं UPPCL के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने समीक्षा बैठक में साफ संदेश दिया—अब बिजली व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
⚡ ट्रांसफार्मर में देरी बनी कार्रवाई की वजह ट्रांसफार्मर बदलने में लापरवाही और ड्यूटी में कोताही के चलते:
• एक अवर अभियंता (JE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया
• रायबरेली के मुख्य अभियंता को चार्जशीट देने के निर्देश
• मैनपुरी के कई अधिकारियों को एडवर्स एंट्री (प्रतिकूल प्रविष्टि)
“ट्रांसफार्मर फुंका तो तय होगी जिम्मेदारी”
डॉ. गोयल ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अब सिर्फ मरम्मत नहीं, बल्कि जांच और जवाबदेही तय होगी। लापरवाही साबित होने पर संबंधित अधिकारी से वसूली भी की जाएगी।
📲 स्मार्ट मीटर और बिलिंग पर कड़ा एक्शन
• 1912 हेल्पलाइन की रोजाना मॉनिटरिंग
• Same Day शिकायत निस्तारण के निर्देश
• गलत बिलिंग पर जीरो टॉलरेंस
• निगेटिव बैलेंस वाले उपभोक्ताओं का तुरंत कनेक्शन जोड़ने के आदेश
🌞 ट्यूबवेल और सोलर कनेक्शन पर भी सख्ती
• प्राइवेट ट्यूबवेल (PTW) कनेक्शन में देरी पर नाराजगी
• सभी सामग्री एक साथ देने के निर्देश
• सोलर कनेक्शन में आ रही बाधाओं को तुरंत दूर करने का आदेश
साफ है कि भीषण गर्मी के बीच सरकार बिजली व्यवस्था को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। अब लापरवाही करने वालों पर सीधे कार्रवाई होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने पर पूरा फोकस रहेगा।







