वाराणसी।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के आईएमएस (इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) कैंपस में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नए लेक्चर थिएटर के पास अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना मधुबन क्षेत्र के सामने स्थित परिसर में हुई, जहां देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आसपास मौजूद छात्रों, कर्मचारियों और अन्य लोगों में हड़कंप मच गया और लोग अपनी-अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के तुरंत बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रैक्टिकल बोर्ड के कर्मचारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए प्रारंभिक स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। उन्होंने बाल्टियों में पानी भरकर आग पर डालना शुरू किया, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। हालांकि, आग तेजी से फैलती गई और कुछ ही समय में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।

आग की भयावहता को देखते हुए तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। फायर ब्रिगेड के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) आनंद सिंह राजपूत स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने पूरी टीम का नेतृत्व करते हुए आग बुझाने का अभियान तेज कर दिया।
सीएफओ आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि मौके पर कुल तीन फायर टेंडर भेजे गए, जिनमें से दो गाड़ियों में 5000-5000 लीटर पानी की क्षमता थी, जबकि एक बड़ी गाड़ी में 12000 लीटर पानी मौजूद था। दमकल कर्मियों ने समन्वित प्रयास करते हुए कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं है कि आग शॉर्ट सर्किट, लापरवाही या किसी अन्य कारण से लगी। फायर विभाग की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
घटना के दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जो एक राहत की बात है। हालांकि, आग से आसपास के क्षेत्र में कुछ नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है, जिसका आकलन किया जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। समय रहते आग पर काबू पा लेने से एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस तरह की घटनाओं से सबक लेते हुए भविष्य में और बेहतर सुरक्षा इंतजाम किए जाने की आवश्यकता है।







