सुदृढ़ीकरण हेतु विशेष अभियान
दिनांक 09-04-2026 को श्री शिवहरि मीणा, अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय, कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा City Reducing Traffic Congestion (RTC) योजना के अंतर्गत चिन्हित एवं निर्धारित समस्त रूटों के प्रभावी क्रियान्वयन, शहर में सुगम एवं निर्बाध यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से व्यापक क्षेत्र भ्रमण कर स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत विश्वेश्वरगंज, गोलगड्डा, भदऊचुंगी होते हुए नमो घाट तक प्रमुख मार्ग का गहन भौतिक सत्यापन किया गया। इसके अतिरिक्त RTC योजना के अंतर्गत चिन्हित रूट/मार्ग:- चौका घाट चौराहा से भदउचुंगी तिराहा तक का निरीक्षण करते हुए यातायात दबाव, मार्ग की क्षमता, संवेदनशील/भीड़-भाड़ वाले बिंदुओं, पार्किंग व्यवस्था एवं अतिक्रमण की स्थिति का सूक्ष्म मूल्यांकन किया गया।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कतिपय स्थानों पर अस्थायी एवं स्थायी अतिक्रमण, अवैध पार्किंग तथा अनियोजित रूप से संचालित दुकानों के कारण यातायात बाधित हो रहा है। इस पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए संबंधित टीमों द्वारा अतिक्रमण हटवाया गया तथा मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
अपर पुलिस आयुक्त द्वारा मौके पर उपस्थित समस्त संबंधित अधिकारियों को निम्नलिखित कड़े, स्पष्ट एवं समयबद्ध निर्देश दिए गए—
रूट अनुपालन एवं मॉनिटरिंग
सभी चिन्हित रूटों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनाधिकृत डायवर्जन, अवरोध या रूट परिवर्तन की स्थिति उत्पन्न न होने दी जाए। प्रत्येक थाना प्रभारी एवं नामित अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके अधीनस्थ कर्मचारी निर्धारित रूटों पर नियमित उपस्थिति बनाए रखें तथा यातायात संचालन निर्बाध रूप से चलता रहे।
प्रत्येक रूट पर नामित अधिकारी प्रतिदिन न्यूनतम दो बार भौतिक निरीक्षण करेंगे तथा निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों का तत्काल निराकरण कर उसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित करेंगे, जिससे वास्तविक समय में निगरानी एवं नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
सभी प्रमुख चौराहों एवं मार्गों पर CCTV कैमरों, ड्रोन सर्विलांस एवं मोबाइल पेट्रोलिंग के माध्यम से सतत निगरानी रखी जाए, जिससे किसी भी प्रकार की भीड़, जाम या अव्यवस्था की स्थिति का त्वरित संज्ञान लेकर समयबद्ध समाधान किया जा सके।
यातायात नियंत्रण कक्ष (Traffic Control Room) के माध्यम से सभी रूटों की लाइव मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल फील्ड स्टाफ को निर्देशित कर स्थिति को नियंत्रित कराया जाए।
प्रत्येक रूट से संबंधित दैनिक प्रगति रिपोर्ट एक निर्धारित प्रारूप में तैयार कर समयबद्ध रूप से वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित की जाए, जिसमें यातायात स्थिति, अतिक्रमण की स्थिति एवं की गई कार्यवाही का स्पष्ट उल्लेख हो।
अतिक्रमण उन्मूलन अभियान
सड़क, फुटपाथ एवं चौराहों पर किए गए सभी प्रकार के अस्थायी एवं स्थायी अतिक्रमण को चिन्हित कर उनके विरुद्ध निरंतर अभियान चलाया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि हटाए गए अतिक्रमण पुनः स्थापित न हो सकें।
अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों/व्यवसायियों के विरुद्ध वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत चालान, जब्ती एवं आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में पुनरावृत्ति न हो।
नगर निगम के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अतिक्रमण संभावित स्थानों पर स्थायी समाधान जैसे—बैरिकेडिंग, रोड मार्किंग, चेतावनी बोर्ड आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान वीडियो/फोटोग्राफी कराई जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे तथा भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की स्थिति में साक्ष्य उपलब्ध हो सके।
अतिक्रमण मुक्त किए गए मार्गों का नियमित निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्थिति में पुनः अतिक्रमण न होने पाए तथा दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्यवाही की जाए।
यातायात प्रबंधन एवं प्रवर्तन कार्यवाही
सभी प्रमुख चौराहों एवं भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात पुलिस की पर्याप्त एवं सक्रिय तैनाती सुनिश्चित की जाए, जिससे यातायात का सुचारू संचालन हो सके तथा जाम की स्थिति उत्पन्न न होने पाए।
अवैध पार्किंग, नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों, गलत दिशा में चलने वाले वाहनों एवं ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों के विरुद्ध सघन अभियान चलाकर चालान एवं सीज की कठोर कार्यवाही की जाए।
ई-रिक्शा, ऑटो एवं अन्य व्यावसायिक वाहनों को केवल निर्धारित रूट एवं स्टैंड पर ही संचालित किया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने पर तत्काल दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने हेतु विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाए तथा हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग आदि नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने हेतु आवश्यकतानुसार डायवर्जन प्लान तैयार कर लागू किया जाए तथा इसकी जानकारी आमजन को पूर्व में ही उपलब्ध कराई जाए।
भीड़ नियंत्रण एवं संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा
घाट, बाजार, धार्मिक स्थल एवं संकीर्ण मार्गों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा भीड़ नियंत्रण हेतु पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
भीड़-भाड़ की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन एवं वैकल्पिक मार्गों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी या दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो।
संवेदनशील स्थानों पर खुफिया तंत्र को सक्रिय रखते हुए संभावित घटनाओं की पूर्व सूचना प्राप्त कर आवश्यक निवारक कार्यवाही की जाए।
सार्वजनिक आयोजनों, त्योहारों एवं विशेष अवसरों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू करते हुए भीड़ प्रबंधन की विशेष योजना तैयार की जाए।
किसी भी आकस्मिक/आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया हेतु QRT, फायर सर्विस एवं मेडिकल टीम के साथ समन्वय स्थापित कर तत्परता बनाए रखी जाए।
समन्वय एवं उत्तरदायित्व निर्धारण
पुलिस, यातायात पुलिस, नगर निगम एवं अन्य संबंधित विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे सभी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।
प्रत्येक रूट के लिए नामित अधिकारी को पूर्ण रूप से उत्तरदायी बनाया जाए तथा उनके कार्यों की नियमित समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं।
विभागीय स्तर पर स्पष्ट उत्तरदायित्व निर्धारण करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी समस्या के लिए संबंधित अधिकारी ही जवाबदेह होगा।
समय-समय पर संयुक्त बैठक आयोजित कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाए तथा आवश्यकतानुसार रणनीति में सुधार किया जाए।
किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
जनजागरूकता एवं सहभागिता
आमजन, व्यापारियों एवं वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने हेतु विशेष अभियान चलाया जाए तथा उन्हें नियमों के पालन हेतु प्रेरित किया जाए।
लाउडस्पीकर, सोशल मीडिया, पम्पलेट एवं जनसंपर्क के माध्यम से व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं।
व्यापारिक संगठनों एवं स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को सुना जाए तथा समाधान हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं।
विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नियमों के प्रति संवेदनशील बनाया जाए।
आमजन की सहभागिता बढ़ाने हेतु हेल्पलाइन नंबर एवं सुझाव प्रणाली विकसित कर उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त की जाए।
अपर पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा स्पष्ट किया गया कि RTC योजना शासन की प्राथमिकता में है तथा इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या शिथिलता कदापि स्वीकार्य नहीं होगी।
उक्त निरीक्षण/भ्रमण के दौरान श्री गौरव वंशवाल, पुलिस उपायुक्त, काशी, श्री वैभव बांगर, अपर पुलिस उपायुक्त काशी, श्री शुभम कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली एवं संबंधित थाना प्रभारी, यातायात निरीक्षक, RTC के अंतर्गत नामित अधिकारीगण उपस्थित रहे ।
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला







