बैठक में शहर की नौका और जल यातायात व्यवस्था को सुचारू एवं सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक का संचालन शंभू निषाद के नेतृत्व में किया गया और इसमें मां गंगा निषाद राज सेवा न्यास संगठन के मंत्री तथा निषाद समाज के भाजपा सहसंयोजक महानगर भी उपस्थित रहे।
बैठक में मोटर बोट मालिकों को निम्नलिखित निर्देश दिए गए:
1. सभी मोटर बोट मालिक अपनी-अपनी नौकाओं के इंजन की सर्विसिंग और मोबी ऑयल का निरीक्षण करवा कर ही संचालन करेंगे।
* मोटर बोट संचालन सुबह 6:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक किया जाएगा।
* सभी मोटर बोट मालिक अपनी नौकाओं को निर्धारित समय पर अपने घाट पर सायं 5:30 बजे तक खड़ा करेंगे। 5:30 बजे के बाद किसी भी प्रकार की मोटर बोट संचालन की अनुमति नहीं होगी।
* प्रत्येक नौका में निर्धारित क्षमता का केवल 50% यात्री ही बैठकर यात्रा करेंगे।
* सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा। बिना लाइफ जैकेट किसी भी प्रकार के संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
* यात्रियों के चढ़ने और उतरने के स्थानों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
यह आदेश एक सप्ताह के लिए लागू रहेगा और पानी की स्थिति का पुनः निरीक्षण कर अगले सप्ताह मीटिंग कर आगे की जानकारी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, आरती में किसी भी मोटर बोट का संचालन फिलहाल नहीं होगा। उच्च अधिकारियों की अनुमति मिलने के पश्चात संभावित रूप से दिनांक 23 सितंबर 2025 से सभी नावों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा।इस बैठक के बाद जल पुलिस और माझी समाज ने शहर में सुरक्षित और सुव्यवस्थित जल यातायात सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।







