1. जबल अली पावर प्लांट वा डीसेलिने़शन प्लांट
2. बरकाह न्यूक्लियर प्लांट
3. अल तावीलाह पावर स्टेशन
4. दुबई मेट्रो
5. मोहम्मद बिन राशिद सोलर पार्क
ये टार्गेट लिस्ट देखकर थोड़ा बहुत अंदाज़ा होता है कि अमीरात के मुताल्लिक़ ईरान के क्या मंसूबे हैं जबकि असल रणनीति तो बहुत लम्बी है। एक बात ज़हन नशीन कर लीजिए कि असल जंग की तो अभी शुरुआत भी नहीं हुई है ये सब उससे पहले का माहौल बन रहा है और हवा अपना रुख़ तय कर रही है। ईरानी जज़ीरो के दिफ़ा के लिये दस लाख की फ़ौज इकठ्ठी हो रही है
जो दुश्मनों और गल्फ़ पर टूटने के लिये तैयार है। ईरान के स्टाक में अभी भी लाखों मिज़ाइल और ड्रोन मौजूद हैं जो मैदान जंग में अभी इस्तेमाल ही नहीं हुए जिन्हें अगले मरहले के लिए बचाकर रखा गया है। जिस हार्डकोर मोड में अब IRGC लड़ने वाली है वो देखने लायक़ होगा। बहरहाल एक दिन आप मेरी बातों को याद करेंगे







