वाराणसी।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने शनिवार को शहर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत परखी और लापरवाहियों पर कड़ा रुख अपनाया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कई खामियों को मौके पर ही चिन्हित करते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय जिला चिकित्सालय का निरीक्षण करते हुए सीटी स्कैन भवन के खराब शौचालय को तुरंत दुरुस्त कराने, टैंक से हो रहे पानी के रिसाव को रोकने और साफ-सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही मरम्मत कार्यों के लिए प्लम्बर और टेक्निशियन की आउटसोर्सिंग से नियुक्ति करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्ट्रेचरों की अव्यवस्थित स्थिति पर नाराजगी जताई और उन्हें उचित स्थान पर रखने का निर्देश दिया। एक तीमारदार से बातचीत कर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली और वार्ड बॉय, नर्सिंग स्टाफ व पैरामेडिकल कर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने ट्रामा सेंटर, इमरजेंसी वार्ड, ऑपरेशन थिएटर, ईसीजी कक्ष और डायलिसिस यूनिट का निरीक्षण कर साफ-सफाई और सेनेटाइजेशन पर विशेष जोर दिया। साथ ही निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की प्रगति की भी समीक्षा की।
इसके बाद उन्होंने एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय, कबीरचौरा और राजकीय महिला चिकित्सालय का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता जांची। महिला अस्पताल में प्रीमेच्योर बेबी इनक्यूबेटर, ऑटोक्लेव और अन्य मशीनों की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा तथा नवजात शिशुओं के लिए बनने वाले स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट का जायजा लिया।
साथ ही एसएसपीजी अस्पताल में प्रस्तावित 500 बेड के नए अस्पताल और आवासीय भवन के निर्माण स्थल का भी निरीक्षण किया गया।इस दौरान सीडीओ प्रखर कुमार सिंह, सीएमओ, सीएमएस सहित संबंधित अधिकारी और स्टाफ मौजूद रहे।







