वाराणसी
जिले के लोहता थाना क्षेत्र के ग्राम सरहरी पोस्ट मंगलपुर के एक ग्रामीण ने मनरेगा से जुड़े मामले में भ्रष्टाचार और दबाव बनाकर हस्ताक्षर कराने का आरोप लगाया है। ग्रामीण ने संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर जांच की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने अपने गांव में मनरेगा कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ 29 दिसंबर 2025 ,10 फरवरी 2026 को खंड विकास अधिकारी को लिखित शिकायत दी थी और मामले की जांच की मांग की थी।
शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि मनरेगा की मजदूरी का भुगतान उसके खाते में किया गया जबकि उसे शिकायतकर्ता ने कहीं भी मजदूर के रूप में कहीं काम नहीं किया है और उसे पैसे को मौजूदा रोजगार सेविका रीता मौर्य ने अपने पति और अपने बच्चों को मजदूर दिखा करके भुगतान किया है इस तरीके से कई भुगतान उसने भ्रष्टाचार के जरिए कराया, आरोप है कि शिकायत के बाद भी लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीण का कहना है कि 31 जनवरी 2026 को उसने जनसुनवाई संदर्भ संख्या 40019726004057 को पोर्टल पर भी साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 3 फरवरी 2026 को ग्राम पंचायत से जुड़े एक व्यक्ति मनोज पटेल और एक महिला कर्मचारी ग्राम सचिव सीमा यादव उसके घर पहुंचे और बताया कि वर्तमान ग्राम सचिव द्वारा जांच कराई गई है तथा एक पत्र पर उससे हस्ताक्षर करने को कहा गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उस पत्र में गांव में मनरेगा से संबंधित कार्यों को सही बताया गया था, जबकि उसने भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। ग्रामीण का कहना है कि उस पर दबाव बनाकर हस्ताक्षर कराने की कोशिश की गई। ग्रामीण ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, संबंधित विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच कराई जाएगी।







