चन्दौली डीडीयू (पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन) रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ की टीम के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान में छह नाबालिग बच्चों को मानव तस्कर के चंगुल से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई डीडीयू जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या सात पर की गई, जहां भागलपुर-सूरत सुपरफास्ट एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 22948 UP) के आगमन के बाद पीछे के जनरल कोच से तस्कर को पकड़ा गया।
आरपीएफ ने दिनेश मंडल नामक एक तस्कर को गिरफ्तार किया, जो झारखंड के गोड्डा जिले का निवासी है। काउंसलिंग के दौरान, सभी नाबालिग बच्चों ने भी खुद को गोड्डा, झारखंड का रहने वाला बताया। तस्कर इन बच्चों और उनके माता-पिता को पैसों का लालच देकर गोड्डा से भागलपुर लाया था, और फिर उन्हें भागलपुर से वडोदरा (गुजरात) ले जा रहा था।

बच्चों को बताया गया था कि उन्हें वडोदरा में एक सोलर प्लांट में प्रतिदिन 12 घंटे काम करने के बदले प्रति माह 18,000 रुपये मिलेंगे। तस्कर ने गोड्डा से भागलपुर तक का खर्च उठाया था और भागलपुर से वडोदरा तक के लिए जनरल टिकट लिया था।
यह मामला बाल तस्करी से संबंधित पाए जाने पर BNSS की धारा 105 का पालन करते हुए वीडियोग्राफी कराई गई। तस्कर को उसके अपराध से अवगत कराते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। सभी नाबालिग बच्चों को उनके परिजनों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क/डीडीयू को सौंप दिया गया है, जबकि तस्कर को अग्रिम कार्रवाई के लिए मुगलसराय कोतवाली को सुपुर्द किया गया है। मुगलसराय कोतवाली इस मामले में आगे की जांच कर रही है।
यह अभियान डीडीयू मंडल के वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त दिनेश सिंह तोमर के निर्देश पर चलाया गया। इसमें आरपीएफ पोस्ट डीडीयू के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत, उप निरीक्षक शीतला प्रसाद, अमरजीत दास, सहायक उप निरीक्षक राकेश सिंह, आरक्षी विनोद कुमार भारती, एस.के. त्रिपाठी और बचपन बचाओ आंदोलन की सहायक परियोजना अधिकारी चंदा गुप्ता शामिल थीं।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी











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