चंदौली धान की सरकारी खरीद के पीक सीजन में पोर्टल फीडिंग की समस्या से किसान परेशान हैं। पोर्टल बंद रहने और सीमित मात्रा में फीडिंग खुलने के कारण बड़ी संख्या में किसानों का डेटा अब तक दर्ज नहीं हो सका है, जबकि फीडिंग की अंतिम तिथि में सिर्फ एक दिन शेष है।
किसानों का आरोप है कि किसी दिन 50 कुंतल, कभी 100 कुंतल तो कभी अधिकतम 150-200 कुंतल तक ही पोर्टल खोला जा रहा है। कई बार पोर्टल पूरी तरह बंद रहता है। ऐसे में जिन किसानों ने धान बेच दिया है, उनकी भी फीडिंग लंबित है।
इस गंभीर समस्या को लेकर किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को आवेदन देकर अवगत कराया। साथ ही डिप्टी आरएमओ कार्यालय पर भी संपर्क किया गया, लेकिन किसानों का कहना है कि धान खरीद के व्यस्त समय में भी संबंधित अधिकारी की ड्यूटी विभागेतर कार्यों में लगाई जा रही है। शाम 4:30 बजे तक किसान और कार्यकर्ता इंतजार करते रहे, पर मुलाकात नहीं हो सकी। फरियादी किसान आते-जाते रहे और खाली कुर्सी देखकर लौटते गए।
कलेक्ट्रेट स्थित मीटिंग हॉल में किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने मांग उठाई कि धान खरीद के चरम समय में डिप्टी आरएमओ की ड्यूटी अन्य कार्यों में न लगाई जाए, ताकि फीडिंग कार्य सुचारु रूप से हो सके।
स्थिति यह है कि कुछ किसान संसाधनों की कमी या मजबूरी में क्रय केंद्रों पर धान नहीं बेच सके और उन्होंने राइस मिलरों को धान दे दिया। लेकिन उनकी भी पोर्टल फीडिंग नहीं हो पा रही है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो मिलर और किसान दोनों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
किसान विकास मंच ने मांग की है कि सरकारी धान खरीद पोर्टल की फीडिंग की तिथि मार्च माह में कम से कम चार दिन और बढ़ाई जाए, ताकि सभी किसानों की फीडिंग सुनिश्चित हो सके।
इस दौरान रणजीत सिंह, सुशील पांडेय, तौसीफ खान, सत्यप्रकाश मुनी और उपेंद्र सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी











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