अम्बेडकरनगर जिले के विकास खंड जहांगीरगंज स्थित ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) देवरिया बुजुर्ग इन दिनों भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर चर्चा में है।
यहां तैनात खंड शिक्षा अधिकारी संतोष पांडेय पर गंभीर वित्तीय गड़बड़ियों, नियमों की अनदेखी और शिकायतकर्ताओं को प्रताड़ित करने के आरोप लगे हैं। मामला मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल तक पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
ग्राम पंचायत मुबारकपुर पिकार निवासी पी.के. ने सीएम पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत में आरोप लगाया है कि खंड शिक्षा अधिकारी बीते लगभग तीन वर्षों से एक ही विकास खंड में जमे हुए हैं, जो शासन की स्थानांतरण नीति के विपरीत है। लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती का लाभ उठाकर मनमानी किए जाने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया है।
शिकायत में सबसे गंभीर आरोप उच्च प्राथमिक विद्यालय नरियांव में संचालित मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) योजना के कथित गबन से जुड़ा है। आरोप है कि गबन की शिकायत सामने आने के बावजूद मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि इसे दबाने के लिए भ्रामक और तथ्यों से परे रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई।
इतना ही नहीं, सेवा अभिलेखों में कूटरचना के भी आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार एक ही अवधि में दो शिक्षण संस्थानों से संबद्धता दर्शाई गई, जो नियमों के विरुद्ध है। आरटीआई और आईजीआरएस के माध्यम से की गई शिकायतों की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी को न सौंपे जाने पर भी सवाल खड़े किए गए हैंशिकायतकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के आरोप भी सामने आए हैं।
दबाव बनाकर शिकायतें वापस कराने की कोशिश किए जाने की बात कही गई है। वहीं, डीएम साहब इस इस मामले की जांच करवाते हुये कर्यवाही करे , पूरे मामले में जिला प्रशासन और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की चुप्पी को लेकर भी संदेह गहराता जा रहा है।
अब तक किसी ठोस कार्रवाई के न होने से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। शिकायतकर्ता ने प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि शासन इस गंभीर मामले में कब तक संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है।







